आईपीएस ऑफिसर अजय कुमार साहनी ने सोमवार को सहारनपुर डीआईजी का चार्ज संभाल लिया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपनी प्राथमिकता गिनाई और तीनों जिलों के एसएसपी से बड़े अपराधियों की सूची तलब कर ली।
वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अजय कुमार साहनी की गिनती यूपी के तेज तर्रार अफसरों में होती है। शुक्रवार को यूपी में हुए 11 अफसरों के तबादले में अजय कुमार साहनी को सहारनपुर का डीआईजी बनाया गया था। यहां आने से पहले वह जौनपुर के पुलिस अधीक्षक थे। जौनपुर से उन्हे सीधे सहारनपुर भेजा गया है। सोमवार को चार्ज संभालने के बाद सबसे पहले उन्होंने बाहरी रेंज से आए दरोगाओं को जिलों का आवंटन किया। इसके बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपनी प्राथमिकता गिनाई।
अवैध खनन पर रहेगी नजर
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि सहारनपुर की सीमाएं अलग-अलग राज्यों से सटी हुई हैं। ऐसे में यहां बाहरी राज्यों से अवैध खनन की शिकायतें हैं। सहारनपुर शामली और मुजफ्फरनगर में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। सहारनपुर में पहले से ही कुछ खनन माफिया चिन्हित किए गए हैं उनके खिलाफ अब कार्रवाई तेज होगी। अवैध खनन रोकने के लिए अलग-अलग जिलों में स्पेशल टीमें बनाई जाएंगी।
जनता के लिए खुले हैं दरवाजें
डीआआईजी ने कहा कि जनता से मिलने के लिए उनके ऑफिस के दरवाजे हर दिन खुले हैं। जो फरियादी ऑफिस तक आने में असमर्थ हैं वो फोन कॉल या सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यम से भी उन तक अपनी बात रख सकते हैं।
तीनो जिलों की अलग-अलग मॉनेटरिंग
डीआईजी अजय साहनी ने कहा कि मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली तीनों जिलों में अलग-अलग तरह का क्राइम है। तीनो जिलों के एसएसपी से टॉप अपराधियों की सूची मांग ली गई है। उनके खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई का ब्याैरा भी तलब किया गया है। किसी भी आदतन अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
नशा तस्करों की भी खैर नहीं
अजय साहनी ने पहले से ही सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर को लेकर होमवर्क कर लिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक किया जाएगा और विशेष अभियान चलाकर नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भिजवाया जाएगा।
सुधरने वालों को दिया जाएगा मौका
एक सवाल के जवाब में डीआईजी ने कहा कि शासन की मंसा अपराध मुक्त प्रदेश की है। इसी अनुरूप काम किया जाएगा। जिन लोगों से भूलवस कोई अपराध हो गया है लेकिन अब सुधरना चाहते हैं तो ऐसे लोगों को सुधरने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सुधरना चाहते हैं उनके लिए भी दरवाजे खुले हैं अगर वो आगे से कोई अपराध नहीं करते तो उन्हे पुलिस परेशान नहीं करेगी।