गाजियाबाद कचहरी से पकड़े गए तेंदुए को वन विभाग की टीम कड़ी सुरक्षा में सहारनपुर लेकर पहुंची। यहां शिवालिक के जंगल में इसे आजाद कर दिया गया। शिवालिक वन अब इस तेंदुए का नया घर होगा।
गाजियाबाद कचहरी में कई लोगों पर हमला करने वाले तेंदुए को शिवालिक वन में छोड़ा गया है। बुधवार शाम को अचानक यह तेंदुआ गाजियाबाद की कचहरी में घुस आया था। यहां पर इसने कई लोगों पर हमला कर दिया था। इस हमले में करीब दस लोग घायल हो गए थए। हमले की खबर के बाद मेरठ और गाजियाबाद से वाइल्ड लाइफ की टीम गाजियाबाद कचहरी पहुंची थी। किसी तरह टीम ने इस तेंदुए को बेहोश करके काबू किया था।
कड़ी सुरक्षा लाया गया सहारनपुर
इसके बाद तेंदुए को एक पिंजरे में बंद किया गया। गुरुवार को इसे गाजियाबाद से सहारनपुर के शिवालिक के जंगलों में लाया गया। गाजियाबाद डीएफओ मनीष सिंह और शिवालिक वन क्षेत्र की डीएफओ श्वेता सिंह अपनी पूरी टीम के साथ शिवालिक के जंगलों में पहुंची थी। यहां बड़कला रेंज में गुरुवार शाम इस तेंदुए को आजाद कर दिया गया।
तेंदुए की उम्र करीब सात वर्ष
सहारनपुर शिवालिक रेंज की डीएफओ स्वेता सेन ने पूछने पर बताया कि तेंदुए का स्वास्थ्य चेकअप किया गया है। वह पूरी तरह से स्वस्थ है। इस नर तेंदुए की उम्र करीब सात साल मानी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बिना किसी कॉलर बैंड तेंदुए को आजाद किया गया है। यानी इसे ट्रेस करने के लिए कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इसके गले में नहीं लगाई गई है। शिवालिक के जंगलों में लगे कैमरों से ही इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।