
वह पत्र जिसमें एक करोड़ रुपया न देने पर सहारनपुर रेलवे स्टेशन को उड़ने, खतौली जैसा ट्रेन हादसा दोबारा कराने की धमकी दी गयी.
सहारनपुर। एक करोड़ रुपया नहीं मिलने पर मुजफ्फरनगर के पास खतौली में हुई रेल दुर्घटना जैसा हमला करने और सहारनपुर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले की पुलिस ने पहचान कर ली है.रूपये देने के लिए जिस अकाउंट नंबर की जानकारी दी गयी थी, उसके आधार पर पुलिस ने खाताधारक तासीन की पहचान की। जीआरपी सहारनपुर ने तासीन नाम के इस युवक की पड़ताल की तो इस तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगा।
दरअसल धमकी भरे इस खत को भेजने वाले ने तासीन के अकाउंट नंबर के साथ-साथ उसका पूरा पता भी लिखा है और आधार कार्ड की फोटोस्टेट कॉपी भी दे दी थी। इस आधार कार्ड पर दिए गए पते पर जब पुलिस पहुंची तो पता चला कि तासीन मदरसे में पढ़ाता है और उसका एक लड़का है जो काफी दिनों से बीमार है। इस शख्स से पूछताछ के बाद पुलिस को ऐसा लग रहा है कि जिस व्यक्ति ने यह खत भेजा है, वह कोई और है। फिलहाल पुलिस ने डाक विभाग से इस खत का पूरा ट्रेक रिकॉर्ड मंगा लिया है। धमकी भरे पत्र में तासीन नाम के जिस आदमी का बैंक खाता और पता लिखा गया है वह सहारनपुर से सटे गांव कोलकी रांगड़ का रहने वाला है यह गांव सहारनपुर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है।
क्या कहता है तासीन
जीआरपी सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक पूछताछ में तासीन ने यही कहा है उसे इस खत के बारे में कोई जानकारी नहीं है खत में उसके आधार कार्ड की फोटो स्टेट कैसे पहुंची है, उसे यह भी समझ नहीं आ रहा है। तासीन का यह भी तर्क है कि, यदि वह ऐसा कोई पत्र भेजता तो अपनी आईडी और अकाउंट नम्बर क्यों लिखता। यानी साफ है कि पुलिस को अभी इस मामले में कोई सटीक लाइन नहीं मिल रही है और ऐसे में पुलिस यही मानकर चल रही है कि यह खत भेजकर किसी ने खुराफात की है।
आरपीएफ भी कर रही पड़ताल
आधिकारिक रूप से भले ही इस मामले की जांच जीआरपी सहारनपुर कर रही हो लेकिन रेलवे सुरक्षा एजेंसी आरपीएफ भी इस मामले पर नजर लगाई हुई है और लगातार पड़ताल कर रही है। यह अलग बात है कि अभी तक की जांच में दोनों ही एजेंसियां इस धमकी भरे पत्र को खुराफाती दिमाग की खुराफात समझ रही हैं।
हल्की में ना लें धमकी
धमकी भरे पत्र में पत्थर भेजने वाले ने यह भी लिखा है कि, इस धमकी को हल्के में ना लिया जाए। आगे लिखा है कि मैं बहुत बड़ा बदमाश हूं, पुलिस ने मेरे बहुत आदमी है और पुलिस से मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती. अगर एक महीने के भीतर कैसे नहीं पहुंचे तो स्टेशन अधीक्षक पूरे परिवार को देखूंगा।
Updated on:
07 Sept 2017 09:35 pm
Published on:
07 Sept 2017 09:29 pm

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