सहारनपुर में एक छात्रा ने सड़क पर लगे पाकिस्तान के झंडे को हटाने का प्रयास किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कुछ संगठनों ने प्रदर्शन किया और छात्रा को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया।
सहारनपुर में एक छात्रा का पाकिस्तान के प्रति प्रेम देखने को मिला। छात्रा ने सड़क पर लगे पाकिस्तान के झंडे को हटाने का प्रयास किया। लेकिन वह हटा नहीं पाई और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छात्रा के ऊपर स्कूल प्रशासन ने एक्शन ले लिया और उसे स्कूल से निष्कासित कर दिया। मामला सहारनपुर के गंगोह इलाके का है।
22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। इसी घटना के विरोध में 29 अप्रैल को कुछ संगठनों ने सहारनपुर में पाकिस्तान के झंडे को सड़क पर चिपका दिया। छात्रा उस झंडे को हटाने के लिए अपनी स्कूटी से उतरी और उसे हटाने का प्रयास किया। लेकिन वह नाकाम रही है। छात्रा ने पूछताछ में बताया कि यह उसके धर्म का झंडा है इसलिए हटाने के लिए पहुंची।
सहारनपुर की छात्रा के पाकिस्तानी झंडे को हटाने वाली घटना का 12 सेकेंड का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो वायरल होते ही क्रांति सेना शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिरोही ने डीएम से छात्रा और स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आक्रोशित कार्यकर्ता छात्रा के स्कूल के बाहर पहुंचे। स्कूल के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रधानाचार्य से छात्रा को निष्कासित करने की मांग की। कार्यकर्ताओं की मांग पर प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने कार्रवाई करते हुए छात्रा को स्कूल से बाहर कर दिया।
छात्रा के पिता राशिद खान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। वह सेना में जाना टचाहती है। वह देशभक्ति कार्यक्रमों में हिस्सा लेती रही है और कई बार मेडल भी जीते हैं। यह घटना सिर्फ एक गलतफहमी थी, जिसकी वजह से यह सब हुआ।
छात्रा के पिता राशिद खान यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं। वह अयोध्या में श्रीराम मंदिर में ड्यूटी करते हैं। राशिद खान ने बताया कि उनका परिवार आर्मी बैकग्राउंड से है। उनके दादा आजाद हिंद फौज में थे। वहीं भाई सेना में तैनात हैं।
राशिद खान ने बेटी की तरफ से माफी मांगते हुए कहा कि वह अभी छोटी है और नाबालिग भी गलतफहमी की वजह से उससे गलती हो गई है। उसे माफ कर दिया जाए। मेरी बेटी किसी का अपमान नहीं कर सकती। मैंने उसे ऐसी शिक्षा नहीं दी है। स्कूल प्रबंधन ने जांच के लिए एक आंतरिक कमेटी गठित कर दी है। स्थानीय प्रशासन भी मामले को गंभीरता से ले रहा है।