खेत की मेढ़ पर हुए विवाद के बाद एक युवक ने अपने ताऊ को इतना पीटा कि उसे पागल कर दिया। इस मामले में दस साल तक चले ट्रायल के बाद अब कोर्ट का फैसला आया है।
खेत की मेढ़ को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद ताऊ को पीट-पीट कर पागल कर देने के आरोपी को सहारनपुर की एक अदालत ने तीन वर्ष कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित त्यागी ने इस मामले को लड़ा था। उन्होंने बताया कि घटना आज से करीब 10 साल पहले की है। मेढ़ को लेकर हुए विवाद के बाद खेत में भाई और भतीजे ने मिलकर एक व्यक्ति को बुरी तरह से पीटा। उसकी इतनी पिटाई कर दी को वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और पागल हो गया। पीड़ित के बेटे ने थाने पहुंचकर इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस को देते हुए FIR दर्ज कराई थी।
इसी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। अब दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार दिया है। दरअसल दूसरे आरोपी के ट्रायल के दौरान मौत हो जाने के बाद उसकी फाइल को बंद कर दिया था। अदाल ने आरोपी भतीजे को तीन साल करावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही जुर्माना भी देना होगा। दस वर्ष बाद आए इस फैसले को लेकर पीड़ित परिवार काफी हद तक संतुष्ट दिखाई दिया है।
ये था पूरा मामला
घटना 10 मार्च 2013 की है। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव ढोला माजरा के रहने वाले अनिल ने गागलहेड़ी थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसके पिता महेंद्र कुमार और भाई साहब सिंह अपने खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान खेत पर पहुंचे चाचा राजकुमार अपने बेटे नीरज उर्फ छोटू के साथ पहुंचे और खेत की मेढ़ को लेकर बहस शुरू कर दी। इसके बाद चाचा राजकुमार और उनके बेटे नीरज ने पिता साहब सिंह और भाई महेंद्र सिंह को जमकर पीटा। इतनी हालत इतनी खराब हो गई कि इन्हें हायर सेंटर ले जाना पड़ा। बाद में महेंद्र सिंह अपना मानसिक संतुल खो बैठे। ट्रायल के दौरान ही 19 जुलाई 2023 को एक आरोपी राजकुमार की मौत हो गई। कोर्ट ने दूसरे आरोपी यानी राजकुमार के बेटे नीरज उर्फ छोटू को सजा सुनाई है।