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दौसा. ग्रीष्मकालीन आवासीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने वाले शिक्षकों के आदेश संशोधित कर पुन: जारी किए गए हैं। इसमें प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाने वाले अध्यापकों के नाम ही शामिल किए गए।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 7 मई के अंक में 'जिनको पढ़ाना नहीं, उनको देंगे प्रशिक्षण' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर उजागर किया था कि ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों ने मनमानी कर कक्षा एक से पांच तक नहीं पढ़ाने वाले अध्यापकों का नाम भी प्रशिक्षण लेने वालों की सूची में शामिल कर लिया है।
खबर से शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी हरकत में आए तथा पीडि़त शिक्षकों से परिवेदनाएं लेकर पुन: संसोधित आदेश निकाले गए। नई सूची में उन्हीं शिक्षकों का नाम रखा गया है जो कक्षा एक से पांच तक पढ़ाते हैं, चाहे किसी भी लेवल के हों।
उल्लेखनीय है कि स्टेट इनीशिएटिव फॉर क्वालिटी एजुकेशन (एसआईक्यूई) के तहत कक्षा एक से पांच तक का अध्ययन कराने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है।
प्रशिक्षण आवासीय होने के कारण शिक्षक शिविर से बचना चाह रहे हैं। ऐसे में जो शिक्षक अधिकारियों के खास व पहुंच वाले थे, उन्होंने सेंटिंग कर सूची से नाम हटवा लिया था। इसकी जगह उन शिक्षकों का नाम शामिल कर लिया गया जो प्राथमिक कक्षाओं को नहीं पढ़ाते थे।
एसएसए के एडीपीसी अशोक शर्मा ने बताया कि पहली सूची जारी होने के बाद जो परिवेदनाएं अधिकारियों के पास आई, उनकी जांच कर निस्तारण किया गया। इसके बाद संशोधित सूचियां जारी की गई।
Published on:
14 May 2017 08:52 pm

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