राजगीर। विश्व प्रसिद्ध गर्म कुंड की धार धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। इस कारण स्थानीय लोगों के साथ ही पंडा कमेटी के होश उडऩे लगे हैं। ब्रह्मकुंड परिसर में स्थित गंगा-यमुना कुंड पूरी तरह सूख गया है। जबकि इसमें पहले मोटी धार बहती थी। लोग स्नान करते थे।
गर्म कुंड पर भी खतरा मंडराने लगा है। वहीं अनंत कुंड, मार्कण्डेय कुंड, व्यास कुंड, सप्तधारा सहित अन्य कुंडों की धार भी प्रवाहित हो गयी है। सबसे ताज्जुब की बात यह है कि सीएम नीतीश के मना करने के बाद भी पाण्डु पोखर की बोरिंग से पानी निकालना बंद नहीं किया गया है।
पंडा समिति के लोग और जानकार बताते हैं कि जब से पाण्डु पोखर में सात बोरिंग करा पानी निकाला जा रहा है, तबसे कुंड की धाराएं प्रवाहित होने लगी हैं। गंगा-यमुना कुंड की धार अब बूंद के रूप में गिर रही है। हालांकि दिल्ली व पटना से आयी अधिकारियों की जांच टीम ने पानी का नमूना लिया था। अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पाण्डु पोखर की बोरिंग को तुरंत बंद नहीं किया गया तो विश्व प्रसिद्ध धरोहर खत्म हो जाएगी। गर्म पानी से ही राजगीर की विश्व स्तर की पहचान है। पूर्व मंत्री सुरेन्द्र प्रसाद तरूण ने कहा कि ३० साल पहले जब कुंड की धार कम हुई थी तो वैभारगिरि के बेल्वा डोव नामक तालाब की उड़ाही तत्कालीन पटना कमिश्रर ने करायी थी।