
पुलिस की गिरफ्त में आरोपित (photo- x @sambhalpolice)
Sambhal Crime News:संभल के असमोली थाना क्षेत्र में पुलिस ने बच्चों के अपहरण और कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है और दो बच्चों को बरामद किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी मेले और भीड़भाड़ वाली जगहों से ऐसे छोटे बच्चों को निशाना बनाते थे, जो अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं होते थे।
मामला असमोली थाना क्षेत्र के ओबरी गांव में लगे उर्स मेले का है। पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त को गांव निवासी सलमान का चार वर्षीय बेटा मौ. उवेश मेले से अचानक लापता हो गया था। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की। इसके चार दिन बाद 9 अगस्त को हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के वराही गांव निवासी चार वर्षीय सुलेमान भी मेले से गायब हो गया। लगातार दो बच्चों के लापता होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी।
पुलिस ने मेले और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध बाइक दिखाई दी, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। जांच की कड़ी करीब 80 किलोमीटर दूर मुरादाबाद तक पहुंची। यहां पुलिस को एक संदिग्ध कार के बारे में जानकारी मिली। कार की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद पुलिस को इस नेटवर्क के तार दिल्ली तक जुड़े होने का पता चला। पुलिस की लगातार निगरानी के बीच आरोपियों ने 9 अगस्त को सुलेमान को मेले के बाहर छोड़ दिया। बाद में पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया।
पुलिस ने मामले में फैसल निवासी कुंदरकी, मुरादाबाद, फरीद निवासी एचौड़ा कंबोह, संभल, शमशाद निवासी पाकबड़ा, मुरादाबाद, कोमल निवासी शिव विहार, दिल्ली, वंदना जैन निवासी नंदनगरी, दिल्ली और गुड्डी निवासी शिव विहार, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 5 अगस्त को उवेश को मेले से उठाकर दिल्ली पहुंचाया था। वहां उसे कोमल और वंदना जैन को सौंपे जाने की बात सामने आई है। इसके बदले आरोपियों को कथित तौर पर 2.40 लाख रुपये मिले थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर मांग के हिसाब से बच्चों का सौदा करता था। पुलिस का दावा है कि छोटे बच्चों को इसलिए निशाना बनाया जाता था, क्योंकि वे अपना नाम-पता या पहचान बताने की स्थिति में नहीं होते थे।
पुलिस के अनुसार, कोमल दिल्ली के एक IVF क्लिनिक में नर्स के तौर पर काम करती है और कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क से जुड़ी थी, जिसमें संतान की चाह रखने वाले लोगों को बच्चों तक पहुंचाने का दावा किया जाता था। वंदना जैन पर भी पुलिस ने आरोप लगाया है कि वह बिना कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया पूरी किए बच्चों को संपन्न परिवारों तक पहुंचाने और फर्जी तरीके से उन्हें माता-पिता के हवाले करने में भूमिका निभाती थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली निवासी गुड्डी के साथ भी एक बच्चे को लेकर कथित सौदा तय हुआ था। इसमें करीब 2.50 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं शमशाद पर बच्चों को वाहन से दिल्ली ले जाने में मदद करने का आरोप है। पुलिस ने यह भी बताया कि फैसल के मामा सलमान उर्फ सुल्तान और मामी साजिया पर बच्चों को लाने के बदले पैसे देने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन दावों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपियों को मनौटा-चौधरपुर रोड से निबोला की ओर जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। कार्रवाई में असमोली थाना पुलिस के साथ SOG लाइंस और सर्विलांस टीम भी शामिल रही। पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करने वाली टीमों को 10-10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं और क्या पहले भी इसी तरह बच्चों को निशाना बनाकर उनकी खरीद-फरोख्त की गई थी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
14 Aug 2026 06:33 pm
Published on:
14 Aug 2026 06:33 pm
