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5 दशक पुरानी मांग फिर हुई तेज, संभल को दिल्ली से जोड़ने की पहल: सांसद बर्क ने रेल मंत्री से की बड़ी मांग

Sambhal News: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने रेल मंत्री से मुलाकात कर संभल-गजरौला रेल लाइन के विस्तार और दिल्ली तक नई रेल कनेक्टिविटी की मांग उठाई, जिससे क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

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सम्भल

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Mohd Danish

Apr 04, 2026

sambhal gajraula rail line extension demand

संभल को दिल्ली से जोड़ने की पहल | Image - FB/@ziaurrahmanbarq

Rail Line Extension Demand: संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने रेल मंत्री को एक विस्तृत पत्र सौंपते हुए संभल-गजरौला रेल लाइन के विस्तारीकरण को जल्द मंजूरी देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने संभल, चंदौसी और बदायूं होते हुए दिल्ली तक नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव भी रखा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आ सके।

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

सांसद बर्क ने शनिवार रात करीब 8 बजे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस मुलाकात की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि उनके दादा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के समय से लगातार उठाई जाती रही है। उन्होंने रेल मंत्री को यह भी बताया कि वर्षों से इस परियोजना की अनदेखी होने के कारण संभल क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे रह गया है।

रेल कनेक्टिविटी की कमी से विकास प्रभावित

सांसद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि दिल्ली के बेहद करीब होने के बावजूद संभल में मजबूत रेल नेटवर्क का अभाव है। इसके चलते व्यापारिक गतिविधियां सीमित हैं और छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि यह रेल परियोजना पूरी होती है तो यह न केवल व्यापार बल्कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खोलेगी।

जनता की जरूरत और परिवार का सपना

बर्क ने इस परियोजना को जनता की लंबे समय से चली आ रही जरूरत बताते हुए कहा कि यह उनके दादा का भी सपना था। उन्होंने जोर दिया कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने से व्यापारियों को बाजार तक पहुंच आसान होगी, छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर साधन मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही, गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने में भी राहत मिलेगी।

वर्तमान रेल सुविधा बेहद सीमित

फिलहाल संभल के हातिम सराय रेलवे स्टेशन से केवल बिलारी, राजा का सहसपुर और मुरादाबाद तक दिन में दो बार डेमो ट्रेन चलती है, जिसमें सिर्फ दो डिब्बे होते हैं। पहले यहां मालगाड़ी का संचालन भी होता था, लेकिन वह सेवा काफी समय पहले बंद कर दी गई। सीमित रेल सुविधाओं के कारण क्षेत्र के लोगों को यात्रा और व्यापार दोनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हर बजट में उठती है मांग, फिर भी अधूरी उम्मीदें

जब भी केंद्र सरकार रेल बजट पेश करती है, तब स्थानीय सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि इस रेल लाइन के विस्तार की मांग जोर-शोर से उठाते हैं। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में निराशा बनी हुई है।

पहले भी उठ चुका है मुद्दा

वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, उस समय संभल लोकसभा सीट से भाजपा के सत्यपाल सिंह सांसद चुने गए थे। उन्होंने भी संभल-गजरौला रेल लाइन के विस्तारीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, लेकिन उन्हें इस दिशा में सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि उनके कार्यकाल में संभल के हातिम सराय रेलवे स्टेशन का कायाकल्प जरूर किया गया, जिससे बुनियादी सुविधाओं में कुछ सुधार आया।