
संभल में सिपाही की रहस्यमयी मौत | Image Video Grab
Police constable death Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुन्नौर कोतवाली की बैरक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 24 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा की लाश संदिग्ध हालत में मिली। सिपाही के कान में ईयरबड लगे हुए थे, गले में रस्सी का फंदा था जो खिड़की से बंधा हुआ मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शव जमीन पर बैठी अवस्था में था और घुटने मुड़े हुए थे। पास में उसका मोबाइल फोन और चार्जर भी पड़ा हुआ मिला, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।
शुक्रवार रात करीब 9 बजे बैरक में मौजूद अन्य सिपाहियों ने आशीष को इस हालत में देखा, जिसके बाद तुरंत थाने में अफरातफरी मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने बैरक को सील कर दिया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने पूरे कमरे की बारीकी से जांच की और साक्ष्य जुटाए। इस दौरान आशीष के दो बैग्स को भी कब्जे में लिया गया, ताकि किसी तरह के सुराग मिल सकें।
घटना की जानकारी मिलते ही आशीष का परिवार संभल पहुंचा। बेटे का शव देखते ही मां कमला देवी बेहोश हो गईं, जबकि बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के रिश्तेदार क्रांति कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि आशीष आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि आशीष मानसिक रूप से मजबूत था और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर बेहद सजग रहता था। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच आशीष ने घर पर फोन किया था। बातचीत के दौरान वह काफी खुश लग रहा था और किसी भी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया था। परिवार का कहना है कि जिस तरह से वह बात कर रहा था, उससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि वह किसी मानसिक तनाव में था।
आशीष वर्मा शाहजहांपुर जिले का रहने वाला था और साल 2023 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। उसके बाबा इतवारी लाल दरोगा पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उसके पिता रघुवीर वर्मा भी यूपी पुलिस में कांस्टेबल रह चुके थे। बीमारी के चलते साल 2018 में पिता का निधन हो गया था। आशीष पांच बहनों के बीच इकलौता भाई था और परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी।
परिजनों ने बताया कि आशीष ने अब तक शादी नहीं की थी। जब भी उसकी शादी की बात होती थी, वह यही कहकर टाल देता था कि पहले बहनों की शादी करानी है। घर में मां और बुआ के साथ चार अविवाहित बहनें शिखा, शशि, सत्यबती और मधु रहती हैं। परिवार का कहना है कि आशीष हमेशा घर की जिम्मेदारियों को सबसे ऊपर रखता था।
सीओ आलोक सिद्धू और इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक मौके पर पहुंचे और पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है, साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Updated on:
24 Jan 2026, 3:05 PM IST
Published on:
24 Jan 2026, 3:05 PM IST
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