
बनेगा सीओ दफ्तर..
Shariq satha property seizure Sambhal: संभल जिले में पुलिस और प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर और जामा मस्जिद हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। उसके पैतृक मकान पर ड्रोन की निगरानी और ढोल के साथ कुर्की की प्रक्रिया पूरी की गई। यह वही घर है, जहां से शारिक साठा ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
दीपा सराय के अंजुमन तिराहे से आगे पजाया मोहल्ले में स्थित 210 गज का यह मकान शारिक साठा की मां के नाम पर दर्ज है। शुरुआती दौर में यह मकान कच्चा था, जिसे बाद में चारों भाइयों ने मिलकर पक्का कराया और दो मंजिल तक विस्तारित किया। चार भाइयों में शारिक सबसे बड़ा था, उसके बाद फाईक, मौलाना सादिक और सबसे छोटा भाई आजम है। पुलिस ने जिस हिस्से को कुर्क किया है, उसमें वर्तमान में फाईक अपनी पत्नी जिकरा और तीन बच्चों के साथ रहता है।
मृतक मौलाना सादिक की पत्नी फिरदौस अंजुम भी अपने तीन बच्चों के साथ इसी मकान में रहती रही हैं। करीब नौ साल पहले तक शारिक साठा इसी घर में रहकर अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था। सीमित संसाधनों और तंग जगह से शुरू हुआ उसका नेटवर्क आगे चलकर बड़े आपराधिक मामलों और अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरी तक पहुंच गया। पुलिस का कहना है कि इसी मकान से कई बड़े सौदों और अपराध की योजनाओं की नींव रखी गई थी।
शारिक साठा ने अवैध रूप से अर्जित धन से अपनी पत्नी गुलेरोशन के नाम और उसके साथी व साढ़ू सिकंदर ने अपनी पत्नी सजा परवीन के नाम से तुर्तीपुर इल्हा क्षेत्र में 268 वर्गगज भूमि खरीदी थी। हसनपुर रोड पर प्राइम लोकेशन पर स्थित इस जमीन की बाजार कीमत करीब 2.31 करोड़ रुपये आंकी गई है। वर्ष 2011 में गैंगस्टर एक्ट के तहत यह संपत्ति कुर्क कर ली गई थी और बाद में अदालत के आदेश पर इसे सरकार के अधीन कर दिया गया।
जिलाधिकारी न्यायालय ने दोनों महिलाओं को कई बार यह साबित करने का मौका दिया कि यह संपत्ति वैध रूप से अर्जित की गई है, लेकिन कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद एडीजे गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने धारा 15 के तहत इस जमीन को सरकार में निहित करने का आदेश दिया। वर्तमान में वहां एक कमरे का पुलिस चेक पोस्ट बना हुआ है, लेकिन अब इस भूमि पर सीओ कार्यालय बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
26 नवंबर 2024 को शारिक साठा के गुर्गों मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। 13 फरवरी 2025 को उसकी पत्नी गुलेरोशन से पूछताछ हुई, जबकि 20 फरवरी 2025 को मुल्ला अफरोज और गुलाम को गिरफ्तार किया गया। 21 फरवरी 2025 को शारिक साठा पर प्राथमिकी दर्ज हुई और 25 अप्रैल 2025 को उसके तथा साथियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
16 अक्टूबर 2025 को शारिक साठा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। 17 अक्टूबर 2025 को गुलाम, अफरोज और वारिस पर एनएसए की कार्रवाई की गई। 25 अक्टूबर 2025 को एसआईटी ने शारिक साठा के खिलाफ न्यायालय के उद्घोषणा आदेश को तामील कराते हुए एक महीने में आत्मसमर्पण का समय दिया। इसके बाद 30 नवंबर 2025 को उसके मकान पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया।
न्यायालय ने 20 जनवरी 2026 को शारिक साठा के मकान की कुर्की का अंतिम आदेश जारी किया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से बचना अब संभव नहीं होगा। संभल में चल रहे इस अभियान को अपराध के खिलाफ निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां अवैध संपत्तियों को जब्त कर उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था के सशक्तिकरण में इस्तेमाल किया जाएगा।
Published on:
22 Jan 2026 12:14 pm
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