
शिव भक्त तमन्ना आर-पार के मूड में! Image - FB/@ziaurrahmanbarq
Kanwar Yatra Controversy: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से शुरू हुआ आस्था और विवाद का सिलसिला अब एक तीखी जुबानी जंग में बदल गया है। अंकित त्यागी से प्रेम विवाह कर 'तुलसी' बनी तमन्ना मलिक ने जब बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकाली, तो कट्टरपंथियों के बीच हलचल मच गई।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क द्वारा इस पर सवाल उठाए जाने के बाद, अब तमन्ना ने बेहद कड़े लहजों में उन्हें आईना दिखाया है। तमन्ना का कहना है कि उनकी आस्था व्यक्तिगत है और किसी को भी उनके पहनावे या पूजा पद्धति पर उंगली उठाने का हक नहीं है।
सांसद बर्क ने सवाल किया था कि धर्म बदलने के बाद भी तमन्ना बुर्का पहनकर कांवड़ क्यों लाईं? इस पर पलटवार करते हुए तमन्ना मलिक तुलसी ने कहा कि बुर्का या इस्लाम किसी की निजी जागीर नहीं है। उन्होंने सांसद को घेरते हुए कहा कि यदि वे इस्लाम के नियमों के इतने ही बड़े संरक्षक बनते हैं, तो उन्हें सोशल मीडिया का उपयोग बंद कर देना चाहिए और तस्वीरें या सेल्फी लेना छोड़ देना चाहिए, क्योंकि रूढ़िवादी व्याख्याओं में तो ये भी वर्जित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता अपनी सुविधा के अनुसार कानून बनाते हैं और दूसरों के जीवन पर फतवे थोपते हैं।
तमन्ना ने स्पष्ट किया कि वह अपने मायके और ससुराल, दोनों धर्मों का सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा, "मैं दोनों धर्मों को मानती हूँ और जो मुझे सही लगता है, उसे अपनाती हूँ।" सांसद बर्क के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि समाज का इस महिला से विश्वास उठ गया है, तमन्ना ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया कि इस देश का संविधान हर महिला को अपनी इच्छानुसार जीवन जीने की आजादी देता है।
विवाद सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा है। तमन्ना ने बताया कि उनके इस कदम के बाद उनके मायके वालों ने उनसे नाता तोड़ लिया है, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों और जारी किए जा रहे फतवों को लेकर उन्होंने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने थाना असमोली में उन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जो उन्हें कट्टरपंथ के नाम पर डरा रहे हैं। तमन्ना का कहना है कि फतवे उनकी हिम्मत नहीं तोड़ सकते और वह अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी में अडिग हैं।
Published on:
22 Feb 2026 06:03 pm
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