
Sambhal: हिंसा के बाद प्रशासनिक महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। संभल में हर मामले की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। आज सुबह प्रशासन जब लाउडस्पीकर उतारने गया तो उन्हें कुछ संदिग्ध बिजली के मीटर दिखे जिसके बाद अफसरों को बिजली चोरी का शक हुआ। बताया जा रहा है कि खंभे से सीधे मोटी केबल डालकर मस्जिद सहित 20 घरों तक पहुंचाया जा रहा था और पैसे वसूले जा रहे थे।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा, "आज हम यहां लाउडस्पीकर को लेकर जांच करने आए थे इसी दौरान देखा कि यहां बड़ी संख्या में बिजली चोरी हो रही है। करीब 15 से 20 घरों और धार्मिक स्थलों पर बिजली चोरी पाई गई है। जब हम एक मस्जिद के पास पहुंचे तो वहां करीब 59 पंखे, एक फ्रिज, एक वॉशिंग मशीन और करीब 25 से 30 लाइट पॉइंट थे और मीटर बंद था और कटिया लगा रखी थी।”
संभल एसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि हमने देखा कि कई बिजली मीटर काम नहीं कर रहे थे, लेकिन घरों में बिजली पूरी थी। हम बिजली विभाग की मदद से जांच कर इन जगहों को बंद कर रहे हैं। संभल जिले में करीब 70 फीसदी इलाकों में लाइन लॉस है। बिजली विभाग के लोग खुद बिजली चोरी की जांच करने से डरते थे क्योंकि अक्सर निरीक्षण के दौरान उनकी पिटाई हो जाती थी।
संभाल में बिजली चोरी की जांच के दौरान जिलाधिकारी और संभल एसपी को बंद पड़ा हुआ मंदिर दिखा। मंदिर का गेट खुलवाया गया और मंदिर की सफाई की गई। दावा किया जा रहा है कि ये मंदिर 1978 के बाद खोला गया है। 46 साल से बंद पड़े मंदिर को आज संभल प्रशासन ने खोला है।
नगर हिंदू महासभा के संरक्षक विष्णु शंकर रस्तोगी ने बताया कि हम खग्गू सराय इलाके में रहते थे। पास ही (खग्गू सराय इलाके में) हमारा एक घर है। 1978 के बाद हमने घर बेच दिया और जगह खाली कर दी यह भगवान शिव का मंदिर है। ये हमारे कुलदेवता हैं। हमने यह क्षेत्र छोड़ दिया और हम इस मंदिर की देखभाल करने में सक्षम नहीं थे। इस स्थान पर कोई पुजारी नहीं रहता था। 15-20 परिवारों ने यह क्षेत्र छोड़ दिया था। हमने इसे बंद कर दिया था मंदिर क्योंकि पुजारी यहां नहीं रह सकते थे यहां रहने की हिम्मत नहीं हुई। मंदिर 1978 से बंद था और आज इसे खोल दिया गया है।
Updated on:
14 Dec 2024 05:53 pm
Published on:
14 Dec 2024 05:53 pm
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