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चचेरा जेठ पांच माह तक करता रहा यह काम, जब पति घर पहुंचा तो…

विवाहिता का पति लखनउ में रहता है

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रात में महिला नर्स को अकेली पाकर युवक ने उसकी इज्जत पर हाथ डाल दिया

जनपद संतकबीरनगर के बखिरा थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता ने अपने चचेरे जेठ पर पांच माह से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। विवाहिता का आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर चचेरे जेठ ने घर में घुसकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को जान से मार दूंगा। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बखिरा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार विवाहिता के पति रोजगार के सिलसिले में लखनऊ में रहते हैं। 17 फरवरी की रात में उसे अकेला देखकर चचेरा जेठ उसके घर में घुस गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे सम्पत्ति देने का लालच दिया और धमकी भी दी कि यदि उसने किसी से कहा तो उसे व उसके बच्चों को जान से मार देगा। पीड़िता ने बताया कि डर की वजह से चुप रही और आरोपी कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। 6 जुलाई को जब उसका पति लखनऊ से घर आया तो उसने सारी घटना अपने पति को बतायी। इसके बाद उसका पति उसे लेकर थाने गया लेकिन थाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर बखिरा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 376, 452, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दलित किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव में 12 वर्षीया दलित किशोरी को डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी की जमानत अर्जी अपर जिल जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) संदीप जैन ने खारिज कर दी। आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि धनघटा के एक गांव की 12 वर्षीय नाबालिग दलित किशोरी के साथ मतिभरन उर्फ राम सिंह नाम के युवक ने तमंचा दिखाकर धमकाकर बलात्कार किया। पीड़िता ने अपने बयान में बलात्कार होने की बात बताई तथा कहा कि अभियुक्त ने जान से मारने की धमकी भी दी। अभियुक्त की तरफ से न्यायालय में जमानत अर्जी दी गई जिसका अभियोजन की तरफ से जोरदार विरोध किया गया। एडीजे (एफटीसी) द्वितीय संदीप जैन ने मामले की गंभीरता तथा अभियोजन के तर्कों के आधार पर अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी।