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तालाब में डूबने से 3 बच्चों की मौत, नहाते समय हुआ हादसा, पूरे गांव में पसरा मातम

सुबह घर से नहाने के लिए निकले थे बच्चे, घर के पीछे बनी तलैया ने शाम को उगलनी शुरू कर दी लाशें, शव देखकर रोते-बिलखते रहे परिजन और लोग

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सतना

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Suresh Mishra

Apr 14, 2018

3 children's death in Panna

3 children's death in Panna

पन्ना। सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनौली में एक तालाब में शुक्रवार शाम डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। तालाब से जब एक-एक कर बच्चों के शव को निकाला गया तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। पूरे गांव में मातमी सन्नाटे के बीच सिर्फ परिजनों की चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी।

बच्चों के शव के पास बैठ बिलख रहे परिजनों का बुरा हाल हो रहा था। माता-पिता के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। देखते ही देखते बनौली सहित आसपास के गांव के सैकड़ों की संख्या में लोग भी इकट्ठे होते गए। यहां मौजूद हर कोई गम में डूबा था।

ये है पूरा मामला
बताया गया कि ग्राम बनौली में कुआंताल मेला के मेन गेट के पास लक्ष्मण आदिवासी का घर है। जहां उसके घर के पीछे छोटी तलैया बनी थी। गुरुवार सुबह लक्ष्मण का बेटा बाबू (5), भूरी पुत्री हक्के आदिवासी (8) और चाहना पुत्री बेड़ी आदिवासी (9) सुबह नहाने के लिए तलैया गए थे। बच्चों के तलैया नहाने जाने की जानकारी परिजनों को नहीं थी। दोपहर करीब दो बजे तक बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की।

तलैया पहुंचे तो उड़ गए होश
बच्चों के परिवार के लोग आसपास देखते रहे, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पा रहा था। करीब दो घंटे की खोजबीन के बाद लोगों ने जब लक्ष्मण के घर के पीछे बनी तलैया में देखा तो पूरे गांव मे कोहराम मच गया। शाम करीब ४ बजे जानकारी लगते ही बनौली सहित आसपास के गांव के लोगों की भीड़ लग गई। इसके बाद तीनों बच्चों के शव को एक-एक करके तलैया से निकाला गया तो परिजनों का करुण क्रंदन दूर-दूर तक सुनाई देने लगा।

परिजनों का तो रो-रोकर बुरा हाल
बच्चों के परिजनों का तो रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के गांव के लोग उन्हें ढ़ाढस बंधाने में लगे थे। मामले की जानकारी लगने के सेमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कराया। इसके बाद शवों को पीएम के लिए सेमरिया थाने भेज दिया गया। शवों के अस्पताल पहुंचने तक शाम हो चुकी थी, इससे अब शनिवार को पीएम कराया जाएगा। पुलिस ने पीडि़त परिवार के लोगों को आर्थिक सहयोग दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया है।

पहले भी डूबने से एक बच्चे की हो चुकी है मौत
बताया गया कि चैत्र नवरात्र के बाद यहां कुआंताल मेला लगा था। एक सप्ताह से भी अधिक समय तक चले मेले के दौरान भी तालाब में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। फिर भी प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया और तीन बच्चे काल की गाल में समा गए। अभी भी अगर जिम्मेदार नहीं चेतते है तो आने वाले कल में और वारदातें इस तरह की हो सकती है।