
400 Contract health workers Service finished in satna
सतना। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से प्रभावित हो रही चिकित्सा सेवाओं के मामले को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के जिम्मेदारों ने गंभीरता से लिया है। नियमितीकरण और सेवा बहाली की मांग को लेकर बीते एक पखवाड़े से हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सरकार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
दरअसल, सरकार ने इन कर्मचारियों को अल्टीमेटम देते हुए 12 मार्च शाम पांच बजे वापसी का समय दिया था। पत्र में उल्लेख था कि इसके बाद हड़ताल कर रहे सभी संविदा स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्त मानी जाएगी। इधर, सोमवार को अंतिम चेतावनी पत्र को धरना स्थल पर यज्ञ में जलाकर संविदा नीति का विरोध किया गया।
अंतिम चेतावनी पत्र जारी
मुख्य प्रशासकीय अधिकारी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन डॉ. ब्रजेश सक्सेना ने 8 मार्च 2018 को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर संविदा स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारियों को हड़ताल छोड़ 12 मार्च तक काम में लौटने का अल्टीमेटम दिया था। निर्धारित समयावधि तक कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होने पर अधिकारी-कर्मचारियों की संविदा अनुबंध पत्र के आधार स्वत: समाप्त होने का उल्लेख किया गया था।
चेतावनी पत्र को यज्ञ में जलाया
संविदा कर्मचारियों द्वारा सरकार के अंतिम अल्टीमेटम को नजरअंदाज कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से धरना स्थल पर यज्ञ वेदी बनाकरचेतावनी पत्र को जलाया। पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी किसी भी चेतावनी से नहीं डरते। जब तक दोनों मांग पूरी नहीं हो जाती कोई भी काम पर नहीं लौटेगा।
ऐसी है हकीकत
पद कर्मचारियों की संख्या
- एएनएम 130
- फार्मासिस्ट 54
- स्टाफ नर्स 40
- डाटा ऑपरेटर 40
- प्रबंधकीय पद 60
- पोषण आहार प्रदर्शक 10
- मेडिकल ऑफीसर 12
- अन्य 40
- कुल 380
साफ-साफ एेलान करे सरकार, वरना होगा आंदोलन
मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जिले के सभी राजनीतिक दल, अधिवक्ता संघ, व्यापारी संगठनों, कर्मचारी संगठनों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से गठित की गई मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति द्वारा सोमवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें सतना में मेडिकल कॉलेज खोले जाने के मामले में प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा के अंदर दिए गए जवाब के संबंध में समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट स्थित भारत पेंशनर समाज के कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकार द्वारा जब तक मेडिकल कॉलेज खोले जाने के संबंध में कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की जाती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष समिति आगामी आंदोलन के लिए रणनीति तैयार करने जल्द ही एक बैठक आयोजित कर आंदोलन का शंखनाद करेगी। बैठक में समिति द्वारा जिले की जनता से आह्वान किया गया कि सतना में मेडिकल कॉलेज खोले जाने के लिए अपनी सक्रिय जिम्मेदारी का निर्वहन करें और इस लड़ाई मे अपना योगदान दें। बैठक में महापौर ममता पाण्डेय, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष नारायण गौतम, आरटीआई एक्टिविस्ट राजीव खरे, पेंशनर्स समाज अध्यक्ष हरिप्रकाश गोस्वामी, डॉ. आत्माराम तिवारी, डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, सुरेन्द्र शर्मा, मनीष तिवारी, जिला कांग्रेस प्रवक्ता अतुल सिंह परिहार, राजेश दुबे, एमआर यूनियन अध्यक्ष संजय सिंह तोमर, बीएसएनएल यूनियन अध्यक्ष योगेश शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
Published on:
13 Mar 2018 12:43 pm
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