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गरीबों को बांटने आई 50 हजार क्विंटल गेहूं की खेप में मिट्टी की मिलावट!

सस्ते अनाज में गड़बड़झाला: जबलपुर से सतना भेजी गई 50 हजार क्विंटल गेहूं में मिट्टी होने की शिकायत की अब खाद्य विभाग ने जांच की तैयारी की है।

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Suresh Kumar Mishra

Oct 05, 2016

Soil sophistication

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रमाशंकर शर्मा @ सतना।
गरीबों के लिए अमानक गेहूं की खेप भेजे जाने का मामला सामने आया है। जबलपुर से सतना भेजी गई 50 हजार क्विंटल गेहूं में मिट्टी होने की शिकायत की अब खाद्य विभाग ने जांच की तैयारी की है। अगर ऐसा हुआ तो साफ है कि भोपाल में मिले और बांटे गए अमानक गेहूं से अफसरों ने कोई सबक नहीं लिया है। बल्कि वे आंख मूंदकर मनमर्जी कर रहे हैं।


यह मामला मंगलवार को दिनभर चर्चा में रहा। सूत्रों के अनुसार सतना जिले के उचित मूल्य की दुकानों में सप्लाई के लिए 25-25 हजार क्विंटल गेहूं की रेलवे रैक 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को जबलपुर से सतना भेजी गई थी।


जिसकी गुणवत्ता पर गोदाम प्रभारियों ने उठाते हुए भंडारण से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि गेहूं में मिट्टी की मिलावट है। ऐसे में उचित मूल्य की दुकानों(पीडीएस) में सप्लाई किए जाने में दिक्कत आएगी।


इस बारे में कुछ गोदाम प्रभारियों ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक को लिखित आवेदन भी दिया। लेकिन डीएम नान ने भंडारण का निर्देश जारी करते हुए गुणवत्ता पर बाद में बात करने का हवाला देकर मामले को टाल दिया। इसके बाद यह गेहूं कई गोदामों में भंडारित कर लिया गया।


मानक की अनदेखी

भोपाल में बाढ़ पीडि़तों को मिट्टी मिला गेहूं बांटने पर हुए बवाल के बाद यह व्यवस्था की गई थी कि खेप आने पर हर अनाज की गुणवत्ता की जांच होगी। जिसमेेंं नागरिक आपूर्ति निगम, भंडार गृह निगम एवं कलेक्टर के प्रतिनिधि की गठित टीम शामिल होगी। लेकिन इस मानक की अनदेखी कर भंडारण करा लिया गया। जिस तरह से डीएम नान ने पत्र जारी कर गोदाम प्रभारियों को अपने यहां इस गेहूं को रखने के लिये मजबूर कर दिया है। उससे भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।


भुगत चुका है सतना

अमानक अनाज के मामले में सतना खुद भुगत चुका है। दरअसल यहां से दो साल पहले चावल की खेप राजगढ़ भेजी गई थी। जिसमें मिलावट होने और चावल के अमानक होने के कारण राजगढ़ के नागरिक आपूर्ति निगम के अफसरों ने लेने से मना कर दिया गया था। काफी जद्दोजहद के बाद इस चावल को वापस मंगा लिया गया था। जिस तरह की स्थिति से सतना दो चार हो चुका है। वह उसे ही स्वीकार कर रहा है।


मोबाइल किया बंद

इस मामले में डीएम नान जीपी तिवारी से उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया लेकिन पहली बार उन्होंने काल रिसीव नहीं की और दूसरी काल पर उनका मोबाइल बंद पाया गया। हालांकि इस मामले को लेकिन जिला नान कार्यालय में एक बार फिर हड़कम्प की स्थिति बनी हुई है।


यहां हुआ भंडारण

रेलवे गोदाम से यह गेहूं सतना 2, नागौद, अमरपाटन और मैहर गोदाम में भंडारित करने को भेजा। लेकिन गेहूं की हालत देखते हुए प्रभारियों ने रखने से मना कर दिया। लेकिन डीएम नान ने आदेश जारी कर उनको गेहूं रखने मजबूर किया।


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गोदाम प्रभारियों से गेहूं की गुणवत्ता सही न होने की जानकारी मिली है। पीडीएस वितरण के लिए उठाव के पहले हमारे इंस्पेक्टर गुणवत्ता जांचेंगे। एफएक्यू ग्रेड से नीचे होने पर गेहूं स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आशुतोष तिवारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी

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