अजाक जिला संयोजक हत्याकांड: प्रेम प्रसंग से जुड़ी वारदात में नित-नए हो रहे खुलासे, अब हत्यारोपी प्रदीप की दूसरी शर्ट को पुलिस ने किया जब्त, सबूत मिटाने नदी में फेंक दिए थे कपड़े, प्रदीप के घर से पुलिस ने बरामद की यलो शर्ट
सतना। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक की उनके बंगले में अपने ड्राइवर के साथ मिलकर हत्या करने के मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह गिरफ्त में आने के बाद भी अपनी झांसेबाजी और पुलिस को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहा। भले ही पुलिस उसकी सुख सुविधाओं का पूरा ख्याल रख रही है और थाने में उसे कूलर की हवा में बिना हथकड़ी के खुले में सुलाया जा रहा है इसके बाद भी वह पुलिस को चकमा देने से बाज नहीं आ रहा है। पहले उसने हत्या के दौरान लाल शर्ट पहनना बताया जिसे पुलिस ने जब्त किया लेकिन अगले ही दिन पुलिस को यह पता चला कि शर्ट को लेकर झूठ बोल रहा है क्योंकि पुलिस के पास घटना स्थल से जब्त बटन इससे मेल नहीं खाते। तब प्रदीप ने दूसरी शर्ट बताई जिसे रीवा से पुलिस ने जब्त किया है। इस तरह पुलिस ने प्रदीप द्वारा हत्या के दौरान प्रयुक्त कथित गमछा भी जब्त कर लिया है। उधर अभिषेक की पत्नी अनामिका भी अपनी वाइस रिकार्ड करवाने शुक्रवार को पुलिस थाने पहुंची। लेकिन रिकार्डिंग न हो पाने से उसे रविवार को बुलाया गया है।
सूत्रों के अनुसार अभिषेक की हत्या का मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह अपनी कथित गिरफ्तारी के दिन जिस लाल शर्ट को हत्या के दौरान पहने होना बताया था उस मामले में नया मोड़ आ गया है। उस शर्ट को जब्त करने के बाद पुलिस ने हत्या के दिन घटना स्थल से जिस बटन को बरामद किया था, उससे मिलान किया तो वह इस लाल शर्ट से मेल नहीं हो रही थी। इस पर पुलिस ने जब प्रदीप पर दबाव बनाया तो प्रदीप ने स्वीकार किया कि लाल शर्ट हत्या के दिन नहीं पहनी थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके साथ उसके रीवा स्थित निवास पर पहुंची। जहां से दूसरी यलो शर्ट जब्त की गई है। इस शर्ट के बटन और घटना स्थल से बरामद बटन का रंग मैच होना बताया जा रहा है। हालांकि इस मामले में पुलिस कुछ भी स्पष्ट कहने से बचती नजर आ रही है। जिले के सर्वाधिक चर्चित और सनसनीखेज मामले में पुलिस की चुप्पी को लेकर अब तमाम सवाल भी खड़े होते जा रहे हैं तो आरोपों से घिरती सतना पुलिस नजर आ रही है।
गमछे का भी खुला राज
हत्या के दौरान प्रयुक्त गमछे की बरामदगी को लेकर भी पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा है। सूत्रों की माने तो पहले प्रदीप सिंह ने पुलिस को गुमराह करने इधर उधर की जानकारी दी। बाद में उसने बताया कि हत्या के बाद भागते वक्त सबूत छिपाने के लिये कपड़े और गमछे को नदी में फेंक दिया था। इस पर पुलिस ने जब वह स्थल पूछा जहां उसने गमछा फेंका था तो प्रदीप ने उसका पता बताया। बताया जा रहा है पुलिस ने दिया पीपर के पास से एक गमछा बरामद किया है। हालांकि यह वही गमछा है इसको लेकर पुलिस भी स्पष्ट दावा नहीं कर पा रही है। क्योंकि शर्ट के मामले में पुलिस प्रदीप के धोखे का शिकार बन चुकी है।
पुलिस ने प्लॉट भी देखा
सूत्रों का कहना है कि रीवा में आरोपी प्रदीप के घर के पास ही मृत अभिषेक की पत्नी अनामिका सिंह के पिता के नाम पर एक प्लॉट है। घटना से पहले इस प्लॉट को खरीदने के लिए प्रदीप कोशिश कर रहा था लेकिन सौदा नहीं पटा। ऐसे में प्रदीप, अनामिका के बीच अनबन भी हुई थी। इस प्लॉट को देखने के बाद पुलिस ने इसकी जानकारी जुटाई है।
शहडोल और रीवा घुमाता रहा
रिमांड अवधि के दौरान हत्यारोपी प्रदीप पुलिस को शहडोल और रीवा घुमाता रहा है। हालांकि साक्ष्य जुटाने की कड़ी में पुलिस ने जब गहन पूछताछ की तो आरोपी ने घटना से जुड़े कई राज खोल दिए। बताया जा रहा है कि शहडोल में प्रदीप के किराए के घर से पुलिस को कुछ नहीं मिला। जिस घर में पुलिस शहडोल गई थी वह किराये का मकान था। मकान मालिक के अनुसार घटना की जानकारी मिलने पर उसका सारा समान घर के बाहर कर दिया था। जिसे उसके परिजन ले गए थे। हालांकि पुलिस को अभी अपनी अन्य कार्यवाही के लिये तीन दिन की और रिमांड चाही है। इस दौरान पुलिस आरोपी का घटना के वक्त उपयोग किया हुआ मोबाइल फोन बरामद करनेे के साथ उसका वॉइस सेम्पल और डीएनए जांच के लिए नमूना लेने की कार्रवाई करा रही है। मोबाइल मिलनेे पर पुलिस उसका डाटा रिकवर कराएगी ताकि साक्ष्य जुटाए जा सकें।
अफसरों ने किया गुमराह
प्रदीप ने पूछताछ के दौरान कई ऐसी बातें उजागर की हैं जो पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगा रही हैं। लेकिन, आला अफसरों के सामने प्रदीप सधी हुई भाषा में ही बोलता रहा ताकि अब उसे कोई नुकसान न झेलना पड़े। सूत्रों का कहना है कि प्रदीप ने दबी जुबान यह बात कही है कि वह पहले ही सरेंडर कर देता लेकिन कुछ अफसर उसे बचाने का झांसा देकर गुमराह करते रहे। इस दौरान उसने काफी रकम खर्च की है।
अनामिका पहुंची थाने
मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक की पत्नी अनामिका शुक्रवार को सिविल लाइन थाने पहुंची। उसे वाइस सैम्पल के लिये थाने बुलाया गया था। लेकिन जिस पुलिस अधिकारी को अनामिका का वाइस सैम्पल लेना था वह अवकाश में रहा। इसलिये अनामिका का वाइस सैम्पल नहीं लिया जा सका है। बताया जा रहा है कि उसे रविवार को फिर से वाइस सैम्पल के लिये बुलाया गया है। जानकारों का कहना है कि हत्या के बाद अनामिका की प्रदीप से बात चीत हुई थी।
अब हो रहा पछतावा
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी प्रदीप ने यह बात स्वीकार की है कि उसने आवेश में आकर हत्या कर दी। उसने पुलिस को बताया कि वह सामने के दरवाजे से ही अभिषेक के पास गया था। लेकिन, अभिषेक भड़क गया और विवाद करने लगा। तभी प्रदीप ने उस पर झपट्टा मारते हुए दीवार के सहारे दबोचा और गला दबा लिया। गमछे के बारे में उसने बताया कि उस वक्त उसके पास गमछा था। अभिषेक को जमीन पर पटकने के बाद गमछे से ही उसने मुंह, गला दबा दिया था।
शादी में मध्यस्था की बात कही आरोपी ने
पूछताछ के दौरान आरोपी प्रदीप अपने को बड़ा पाक साफ बताने की कोशिश कर रहा है। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि अभिषेक और अनामिका की शादी में भूमिका निभाई थी और मध्यस्थता भी की थी। जबकि दूसरी ओर अभिषेक के परिजनों ने इस मामले में प्रदीप और अनामिका को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। अभिषेक की पुलिस हिरासत में होने की खबर पाकर सिविल लाइन थाने पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रदीप के अनामिका से प्रोफेशनल से ज्यादा संबंध थे। अनामिका की शादी के बाद भी प्रदीप संबंध बनाए रखना चाहता था। जो संभव नहीं हो पा रहा था। दबी जुबान परिजनों ने अनामिका को भी क्लीन चिट नहीं दी है।