13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

5 min read
Google source verification

सतना

image

Sajal Gupta

May 13, 2018

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।

साथ मिलकर स्वच्छ किया तालाब, देखें इन तस्वीरों में

सतना। पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।