सतना

मध्यप्रदेश: भाजपा नेता धीरज पाण्डेय के खिलाफ राजस्थान से जारी हुए चार गिरफ्तारी वारंट

जमीन कारोबार में धोखाधड़ी का मामला, भीलवाड़ा राजस्थान के विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश

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Dec 09, 2018
Arrest Warrant Against Maihar BJP leader dheeraj pandey

सतना। मैहर के भाजपा नेता धीरज पाण्डेय के खिलाफ जमीन कारोबार में धोखाधड़ी करने पर अलग अलग चार गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। राजस्थान के भीलवाड़ा के विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इन पर राजस्थान के व्यापारी जोगेन्द्र सिंह राणावत ने आरोप लगाया है कि धीरज ने जमीन कारोबार के नाम पर सवा करोड़ रुपए लिए थे।

जिन्हें लौटाने से इंकार कर रहे हैं। राजस्थान भीलवाड़ा के विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धीरज पिता रमेश कुमार पाण्डेय निवासी पुरानी बस्ती, पाण्डेय टोल थाना मैहर के विरुद्ध अलग-अलग चार गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए इन्हें गिरफ्तार करके समक्ष में पेश करने के आदेश दिए है।

हालांकि अभी इसमें राहत यह भी दी गई है कि अगर धीरज 18 फरवरी 2019 को समक्ष में हाजिर होने तथा जब भी हाजिर होने कहा जाएगा तब हाजिर होगा को स्वीकार कर 5000 रुपये की जमानत देता है तो उसे छोड़ा जा सकता है।

यह है मामला
यह पूरा मामला जमीन कारोबार से जुड़ा है जिसमें चेक बाउंस होने और राशि अदायगी नहीं किए जाने से संबंधित है। इसमें राजस्थान भीलवाड़ा निवासी जोगेंद्र सिंह राणावत पिता गोवर्धन सिंह का भाजपा नेता धीरज पाण्डेय से जमीन लेनदेन का एक कारोबारी समझौता हुआ। इसमें बताया गया है कि जमीन क्रय करने के लिये धीरज पाण्डेय ने जोगेन्द्र सिंह से 1 करोड़ 23 लाख 25 हजार रुपए लिये।

धीरज पाण्डेय के दिये चेक बाउंस

इसके एवज में धीरज ने जोगेन्द्र को क्रमश: 11 लाख 25 हजार रुपए, 50-50 लाख के दो व एक चेक 12 लाख रुपये का दिया था। जब तय समय पर जोगेन्द्र सिंह ने बैंक में चेक लगाए तो पता चला कि धीरज पाण्डेय के दिये चेक बाउंस हो गए हैं। इस मामले में जोगेन्द्र ने धीरज को नोटिस दिया और इसका जवाब नहीं मिलने पर चेक बाउंस का प्रकरण कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया।

दोनों पक्षों के अपने अपने दावे
इस मामले में जोगेन्द्र ने बताया कि उनकी मैहर में जमीन होने के कारण यहां आना जाना होता था। इस दौरान पुजारी परिवार के धीरज पाण्डेय से परिचय हुआ। नामी परिवार के होने के कारण इन्हें जमीन कारोबार के लिये सवा करोड़ रुपये की राशि दी जिसके एवज में उन्होंने चेक दिए। बाद में राशि वापस करने में टाल मटोल करने लगे। एक बार जयपुर आकर हवाला से राशि देने की बात कही और बताया कि झांसी तक पहुंच गए हैं। लेकिन वे नहीं आए। बाद में उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया।

तैयार किए गए स्टांप में भी फ्राड किया

ऐसे में संदेह होने जब बैंक में चेक लगाए गए तो वे बाउंस हो गए। यह भी कहा कि धीरज ने जमीन कारोबार के लिये तैयार किए गए स्टांप में भी फ्राड किया है। उधर इस मामले में धीरज का कहना है कि जोगेन्द्र ने उनके साथ फ्राड किया है। विवादित जमीन उन्हें बेची। उससे उनकी रजिस्ट्री शून्य हो गई है। स्टाम्प मामले मे भी गलत जानकारी दे रहे हैं। जमीन कारोबार के लिये ली गई सवा करोड़ की राशि पर इस पर भी उनके साथ चार सौ बीसी कर रहे हैं। राशि उधार नहीं ली गई थी।

Published on:
09 Dec 2018 05:08 pm
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