
BJP MLA ramkhelawan patel from Amarpatan again came into limelight
सतना/ नगर परिषद रामनगर के डंडामार अध्यक्ष रामसुशील पटेल एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार सुर्खियां उनके कारनामों की वजह से नहीं बल्कि अमरपाटन विधायक रामखेलावन पटेल की वजह से हैं। नगर परिषद रामनगर के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए विधायक पर गंभीर आरोप लगाया है।
बताया है कि जब तक परिषद के अध्यक्ष रामसुशील पटेल थे, तब तक निकाय के सभी कामों में विधायक सहयोग करते थे। स्थिति यह थी कि वे कितना भी भ्रष्टाचार करते थे, उन्हें बचाने की कोशिश विधायक करते थे। अब वे दुर्भावनावश अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए विकास कार्यों में व्यवधान डालने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही परिषद के कामों में अनावश्यक अवैधानिक दबाव डालने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
परिसीमन में पैदा कर रहे व्यवधान
परिषद अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कलेक्टर सतेंद्र सिंह को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि विधायक रामखेलावन पटेल मेरे अध्यक्ष पद का प्रभार लेने के बाद से निकाय के विकास कार्यों को अवरुद्ध करने की मंशा से विधि सम्मत कामों की अनावश्यक शिकायतें कर रोकने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कई उदाहरण भी दिए हैं। सभी परिषद सदस्यों के समक्ष वैधानिक रूप से संचालित की जा रही परिषद की बैठक को स्थगित करने की शिकायत की गई। शासन के निर्देशानुसार परिषद के प्रस्ताव के आधार पर परिसीमन की कार्रवाई की जा रही है। इसमें भी विधायक व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं। निकाय के कर्मचारियों की आधार विहीन शिकायतें की जाती हैं। अमरपाटन विधायक की शिकायत के बाद नगर परिषद क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर गरर्मा गई है। अध्यक्ष और विधायक के विवाद की चर्चा आमलोगों में जोरों पर चल रही है।
डंडामार कांड पर भी दे रहे दखल
डंडामार कांड में शामिल पूर्व में स्थगन प्राप्त कर्मचारी जिन्होंने तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर प्राणघातक हमला किया था, उनके जमानत में आने के बाद उन्हें ज्वाइन कराने के लिए जबरन दबाव बना रहे हैं। उपयंत्री देवरत्नम सोनी के सही कार्य करने के बाद भी निकाय से हटाने के दबाव बनाए जा रहे हैं। दबाव के कारण काम करने में परेशानी हो रही है।
दोषी को बचाने एसपी को पत्र
परिषद अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाया है। कहा कि पूर्व भंडार प्रभारी रामावतार पटेल के विरुद्ध गबन करने के उपरांत कार्यालय की कार्रवाई में पत्र क्रमांक 166 दिनांक 30/07/2018 से पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई न करने पत्र लिखा गया। जबकि उनके विरुद्ध कार्रवाई करने नगर परिषद से लेख किया गया था।
अपात्रों को किस्त का भुगतान करने का दबाव
परिषद अध्यक्ष ने कलेक्टर को शिकायती पत्र के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत अपात्र पाए गए हितग्राहियों के खाते में किस्त डालने के लिए दबाव बनाया जाता है। पहले भी इसी मसले पर इन्होंने आंदोलन करने की धमकी दी थी।
Published on:
06 Nov 2019 01:34 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
