अनशन का नेत्रत्व कर रहे राजेश पटेल को कई बार जेल प्रबंधन समझाने की कोशिश की। लेकिन राजेश मानने को तैयार नहीं था। फिर 15 दिसंबर की रात जुना खाना ले जाकर जेलर योगेन्द्र तिवारी, चक्कर अधिकारी मंजू हुजूर, जेल प्रहरी मोतीलाल और लंबरदार वीरू व लाखन सिंह ने बेदम पीटा। जिससे मुंह और शरीर के अन्य अंगों में चोंट आई।