सतना

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन ट्रेन से बिछड़ गए कई बुजुर्ग, तिरुपति से एमपी तक मच गया हड़कंप

CM Teerth Darshan Yojana- मध्यप्रदेश के तीर्थ यात्रियों की ट्रेन में गए करीब 12 बुजुर्ग छूट गए...। अब दूसरी ट्रेन से आएंगे अपने घर...।

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Sep 22, 2022

सतना। कोरोना के बाद शुरू हुई तीर्थ दर्शन योजना (CM Teerth Darshan Yojana) में पहली बार गए 12 बुजुर्ग अपने जत्थे से बिछड़ गए। इसमें एक महिला भी शामिल थीं। इनको अन्य ट्रेन से वापस लाया जा रहा है। इस खबर के आने के बाद तिरुपति (tirupati) से लेकर मध्यप्रदेश (madhya pradesh) तक हड़कंप मच गया।

बताया गया कि सतना, रीवा और जबलपुर के 1 हजार तीर्थ यात्रियों को लेकर तीर्थ स्पेशल ट्रेन सोमवार को तिरुपति पहुंची। सभी यात्रियों को सोमवार रात तिरुपति बालाजी के दर्शन करने थे, लेकिन जब तीर्थ यात्री मंदिर पहुंचे तो पट बंद हो चुके थे। लिहाजा अगले दिन दर्शन का प्लान बनाया गया। मंगलवार सुबह 4 बजे से दर्शन के लिए सभी यात्री लाइन में लग गए थे और 10 बजे से दर्शन भी प्रारंभ हो गए थे। इसके बाद शाम को जब होटल में तीर्थ यात्रियों की गिनती शुरू हुई तो सतना के आधा दर्जन यात्री कम थे। इसके बाद इंतजार किया गया और रात 9 बजे की ट्रेन रोकी गई। इस दौरान महिला यात्री सुमित्रा मिश्रा सहित चार लोगों को छोड़ कर सभी ढूढ़ लिए गए। हालांकि तीन अन्य लोगों से संपर्क हो चुका था लेकिन वे ट्रेन के वक्त नहीं पहुंच सके। इसके बाद रात एक बजे ट्रेन तिरुपति से वापस रवाना हुई।

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तीर्थ दर्शन यात्रा के नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर सुरेश जादव ने बताया कि महिला तीर्थ यात्री सुमित्रा बाई मिश्रा निवासी करौंदी उपाध्याय पो. गोबरी को ढूंढ़ने के लिए दो आरआइ और आइआरसीटीसी के तीन कर्मचारी रोके गए थे। इन्होंने बुधवार सुबह 9 बजे महिला को तिरुपति बाला जी मंदिर परिक्षेत्र में ढूंढ़ लिया। अब सभी लोग अन्य ट्रेन से बुधवार रात 9 बजे वापस लौटेंगे। वहीं तीन अन्य लोग संघमित्रा से सतना के लिए रवाना हो गए थे।

अलग-अलग घूम रहे थे पति-पत्नी

सभी यात्रियों को अपने साथी के साथ रहने और जत्थे से अलग नहीं चलने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन दोपहर से सुमित्रा बाई और उनके पति अलग-अलग चल रहे थे। पति ने भी इस दौरान पत्नी के साथ नहीं होने की सूचना नहीं दी। जब गिनती हुई तब बताया पत्नी नहीं दिख रही हैं।

मोबाइल घर में रख गई

मामले में तीर्थ यात्री की भी चूक सामने आई है। बताया गया कि सुमित्रा को प्रदान किए गए यात्रा कार्ड में महिला ने अपना जो मोबाइल नंबर लिखवाया था वह नंबर वे अपने साथ नहीं ले गई थीं। अधिकारियों ने जब उनके नंबर पर लगाया तो पता चला कि नंबर सतना में उनके नाती के पास है। इसलिए तीर्थ स्थल में उन्हें ढूढ़ने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ी।

Updated on:
22 Sept 2022 02:03 pm
Published on:
22 Sept 2022 02:00 pm
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