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Sharadiya Navratri: नवरात्र में तिथि का कम होना शुभ संकेत नहीं, आ सकती हैं ये विपदाएं

-शारदीय नवरात्र 7 अक्टूबर से-आठ दिन का होगा Sharadiya Navratri-जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

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सतना

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Ajay Chaturvedi

Oct 05, 2021

आदिशक्ति मां दुर्गा

आदिशक्ति मां दुर्गा

सतना. आदिशक्ति के पूजन का पर्व Sharadiya Navratri इस बार सात अक्टूबर से आरंभ हो रहा है। नवरात्र का समापन 14 अक्टूबर को होगा। यानी इस बार नवरात्र आठ दिन का ही होगा। ज्योतिष विज्ञान के अनुसारयों नवरात्र में तिथि क्षय (दिन कम होना) शुभ संकेत नहीं माना जाता। इसे अनिष्टकारी माना गया है। इतना ही नहीं इस बार माता का आगमन और प्रस्थान दोनों ही डोली से हो रहा है, वह भी शुभ संकेत नहीं है।

ज्योतिषियों की मानें तो इस वर्ष शारदीय नवरात्र में तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही है। इसे अनिष्टकारी माना जा रहा है। ज्योतिषी बता रहे हैं कि तृतीय युक्त चतुर्थी का दुष्प्रभाव पड़ना तय है। वो कहते हैं कि माता का आगमन गुरुवार को हो रहा है जबकि माता का प्रस्थान यानी विजया दशमी शुक्रवार को पड़ रही है। ऐसे में शास्त्रीय मत के अनुसार गुरुवार और शुक्रवार को माता की सवारी डोली होती है। ऐसे में माता का आगमन भी डोली में होगा और प्रस्थान भी। वैसे तो जगत जननी का डोली में आगमन, नारी शक्ति को सशक्त करने का प्रतीक है लेकिन डोली की सवारी प्राकृतिक आपदा का संकेत भी है, जैसे भूकंप, बाढ़, भूस्कलन आदि की संभावना, राजनीतिक उठापटक, आगजनी जैसी घटनाएं होने की आशंका है। दूसरे तृतीया युक्त चतुर्थी का दुष्प्रभाव भी निश्चय है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्र में देवी का आवाहन करने से पूर्व कलश स्थापना का विधान है। ऐसे में ज्योतिषियों के मुताबिक प्रतिपदा यानी नवरात्र के प्रथम दिन गुरुवार को सुबह 6:17-7:44 बजे तक का मुहूर्त विशेष है, लेकिन इस मुहूर्त में जो साधक किन्हीं कारणों से कलश स्थापना नही कर पाते वो द्वितीय शुभ मुहूर्त- सुबह 9:30-11:43 के बीच कलाश स्थापित कर सकते हैं। ये स्तिर लग्न है।

महाअष्टमी व नवमी तिथि

इस शारदीय नवरात्र में इस बार महाअष्टमी तिथि 13 अक्टूबर और महानवमी 14 अक्टूबर को पड़ेगी। प्रतिपदा और अष्टमी को व्रत रखने वाले भक्त इन्हीं दिनों में व्रत रखेंगे और 13 अक्टूबर को महाअष्टमी पर नवगौरी की पूजा व दान करेंगे।