
Dengue Fever: dengue kya hai hindi mai
सतना। जिले में डेंगू का दंश बढ़ता जा रहा है। इस साल अब तक कई संदिग्ध सामने आ चुके हैं। विगत रात रामपुर बाघेलान के बरती गांव निवासी पीडि़त की इलाज के दौरान जबलपुर में मौत हो गई। एक वृद्ध को भी एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर जबलपुर रेफर कर दिया गया। परिजनों ने उसे मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।
इलाज के दौरान मासूम की मौत
बताया गया कि रामपुर बाघेलान के बरती गांव निवासी 3 वर्षीय मासूम राम्या पिता पुष्पेंद्र सिंह को बुखार आ रही थी। परिजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया। जब आराम नहीं मिला तो परिजन उसको लेकर रीवा पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां आराम नहीं मिला तो जबलपुर के निजी हॉस्पिटल में दाखिल कराया। वहां इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
एलाइजा जांच रिपोर्ट में वृद्ध को डेंगू की पुष्टि
वहीं बरती निवासी राजमणि सिंह (65) को बीते 15 दिन से बुखार आ रही थी। परिजनों ने पहले गांव में इलाज कराया पर आराम नहीं मिला। इसके बाद रीवा में उपचार कराया। हालत बिगडऩे पर परिजन ने वृद्ध को जबलपुर स्थित मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। चिकित्सकों ने पीडि़त को डेंगू होने की आशंका होने पर एलाइजा जांच कराने का परामर्श दिया। एलाइजा जांच रिपोर्ट में वृद्ध को डेंगू की पुष्टि हुई।
दो माह में पांच पीड़ित
जिलेभर में दो माह के अंदर डेंगू के पांच पीडि़त सामने आ चुके हैं। हनुमंतपुर अमानगंज जिला पन्ना निवासी शिवनारायण पटेल पिता परमलाल पटेल सहित प्रभा सेन पति जगराम सेन निवासी कटरा सज्जनपुर को जिला अस्पताल में एलाइजा जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई थी। पहला पीडि़त मेडिकल कॉलेज जबलपुर में सामने आया था। मासूम की मौत सहित वृद्ध को डेंगू की पुष्टि होने के बाद पीडि़तों की संख्या पांच हो गई है।
मौत के बाद खुली नींद
जिला मलेरिया महकमा पीडि़त की रिपोर्ट पॉजिटिव या मौत होने के बाद जागता है। तब संबंधित क्षेत्र में दिखावे के तौर पर निरोधक कार्रवाई की जाती है। मासूम की मौत के बाद भी महकमे की यही लापरवाही सामने आई है। जिला मलेरिया महकमे के जिम्मेदारों को यह तक जानकारी नहीं कि कितने घरों में सर्वे किया गया, कितने घरों में एडीज मच्छर का लार्वा मिला।
Published on:
15 Sep 2018, 10:59 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.