
Electricity of the filter plant can not be restored even after 30 hours
सतना. फिल्टर प्लांट का ट्रांसफॉर्मर फेल होने के कारण आधे शहर की जलापूर्ति ठप हो गई है। नगर निगम प्रशासन 30 घंटे बीत जाने के बाद भी जल प्रदाय जैसी महत्वपूर्ण सेवा के लिए विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं करा सका है। निगम की इस नाकामी के चलते दूसरे दिन रविवार को भी फिल्टर प्लांट में अंधेरा पसरा रहा। जल कार्य विभाग के अधिकारियों ने जनरेटर चलाकर किसी प्रकार आधे शहर की प्यास बुझाई। बिजली बहाल न होने के कारण सोमवार को भी कुछ इलाकों में पेयजल की आपूर्ति बाधित रहेगी।
33 केवी का ट्रांसफॉर्मर फेल होने से ठप हुई विद्युत व्यवस्था को फिर से बहाल कराने के लिए रविवार को निगम के अधिकारी-कर्मचारी दिनभर मशक्कत करते रहे। जब तक ३३ केवी के जले ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक ११ केवी लाइन से फिल्टर प्लांट को बिजली आपूर्ति करने रविवार को निगम प्रशासन ने पोल लगाकर तार खिंचवाई। इससे शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद बंधी पर लाइन खींचने का कार्य पूरा होते ही शाम को बिजली कंपनी के अधिकारियों ने 11 केवी की लाइन जोडऩे से मना कर दिया। इससे निगम प्रशासन की दिनभर की मशक्कत पर पानी फिर गया।
16 घंटे में फूंक दिया 35 हजार का डीजल
नगर निगम के 18 एमएलडी फिल्टर प्लांट की विद्युत आपूर्ति ठप होने के बाद निगम प्रशासन ने जनरेटर चलाकर किसी प्रकार शहर की दो टंकियों को भरा, लेकिन जनरेटर से विद्युत आपूर्ति निगम को महंगी पड़ी। इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि 16 घंटे जनरेटर से विद्युत आपूर्ति करने पर लगभग 500 लीटर डीजल फूंकना पड़ा। फिल्टर प्लांट में 150 एचपी का जनरेटर है, जो प्रति घंटे 30 लीटर डीजल खाता है। यदि जल्द ही प्लांट की विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हुई तो निगम को जनरेटर चलाने से लाखों रुपए की चपत लगना तय है।
11 केवी का नया कनेक्शन ही समाधान
जलकार्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिल्टर प्लांट में ३३ केवी का विद्युत कनेक्शन है। बैकप के लिए 33 केवी का दूसरा ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध न होने से फिलहाल इस लाइन से प्लांट में विद्युत आपूर्ति संभव नहीं। प्लांट में 11 केवी के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसलिए यदि बिजली कंपनी 11 केवी का टेम्परेरी कनेक्शन दे दे तो प्लांट की विद्युत आपूर्ति तुरंत बहाल हो सकती है। लेकिन, जल प्रदाय जैसी अति आवश्यक सेवा बहाल कराने में बिजली कंपनी के अधिकारियों का सहयोग न मिलने से दूसरे दिन भी विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हो सकी।
आज भी बाधित रहेगी जलापूर्ति
फिल्टर प्लांट की विद्युत आपूर्ति दूसरे दिन भी बहाल न होने से सोमवार को भी शहर की आधी आबादी को पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ सकती है। जलकार्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जनरेटर चलाकर फिल्टर प्लांट एवं सिविल लाइन टंकी को भरने के प्रयास किए जा रहे हैं। पर, इससे कॉलोनियों में नियमित जलापूर्ति करना संभव नहीं। एेसे में सोमवार को भी सिविल लाइन, सिद्धार्थ नगर, सिंधी कैम्प एवं बाधवगढ़ कालोनी की जालपूर्ति बाधित रहने की संभावना है।
विद्युत कंपनी के अधिकारियों की दगाबाजी के कारण रविवार को फिल्टर प्लांट की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। जनरेटर चलाकर शहर में आंशिक रूप से जलापूर्ति की गई है। सोमवार को विद्युत कंपनी के उच्चाधिकारियों से बातकर 11 केवी विद्युत लाइन चालू कराई जाएगी, तभी विद्युत व्यवस्था बहाल हो सकती है। जले ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत में 15 दिन का समय लगेगा।
आरपी सिंह, प्रभारी जलकार्य विभाग
Published on:
22 Jul 2019 12:38 am
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