
ESIC hospital satna: employees state insurance corporation big news
विक्रांत दुबे @ सतना। कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय सतना। इसके अंतर्गत सतना साहित आसपास के सात जिले आते हैं। 10 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। लेकिन, अस्पताल में चार वर्ष से चिकित्सक नहीं है। 436 किमी. दूर ग्वालियर से तीन दिन के लिए चिकित्सक सतना भेजे जाते हैं।
कर्मचारी राज्य बीमा के दायरे में आने वाले श्रमिकों, कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने के लिए मप्र शासन द्वारा वर्ष 1965 में बिरला रोड पर कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय खोला गया था।
यह अस्पताल वर्तमान में चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। वर्ष 2014 से चिकित्सकों की पदस्थापना नहीं की जा रही है। खामियाजा अस्पताल आने वाले पीडि़तों को भुगतना पड़ रहा है।
बाहर से आने वाले पीडि़त होते हैं परेशान
कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय में दस हजार से अधिक श्रमिक और कर्मचारी पंजीकृत हैं। यहां सतना सहित रीवा, सीधी-सिंगरौली, दमोह, पन्ना और छतरपुर से पीडि़त आते हैं। चिकित्सकों की पदस्थापना नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी अन्य जिलों से आने वाले पीडि़तों को हो रही है। पीडि़तों को इलाज की बजाय भटकाव मिल रहा है। इसके बाद भी चिकित्सकों की पदस्थापना नहीं की जा रही है।
मेडिकल ऑफिसर का पद भी खाली
कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय के लिए महकमे द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सक सहित चार मेडिकल ऑफिसर के पद स्वीकृत किए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना वर्ष 2014 के बाद से नहीं की गई है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के पद वर्षों से खाली हैं। जिम्मेदार जानकारी होने के बाद भी चिकित्सकों की पदस्थापना की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रोटेशन पर आते हैं डॉक्टर
चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा अस्पताल रोटेशन के भरोसे संचालित किया जा रहा है। 436 किमी दूर ग्वालियर से तीन से पांच दिनों के लिए चिकित्सक सतना भेजे जाते हैं। यहां इनके ठहरने का भी प्रबंध नहीं है। चिकित्सकों को मजबूरी में होटल में रुकना पड़ता है। पदस्थापना नहीं होने से चिकित्सकों की आवाजाही, ठहरने पर अतिरिक्त व्यय का भार हर माह उठाना पड़ रहा है। इसके बाद भी महकमे के जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं।
Published on:
08 Jun 2018 11:08 am

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