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गलत जानकारी देकर पीएम आवास स्वीकृत कराने वाले पढ़ ले ये खबर, क्योंकि निगमायुक्त करने वाले हैं कुछ और

पीएम आवास: निगमायुक्त ने किया निरस्त, एफआइआर के दिए आदेश, पक्के मकानधारियों ने फर्जी जानकारी देकर हड़प लिया गरीबों का आशियाना

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 15, 2018

forged pradhan mantri awas yojana list in satna

forged pradhan mantri awas yojana list in satna

सतना। शहर में फर्जी दस्तावेजों और शपथ पत्र के सहारे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई। ऐसा ही मामला एक बाप-बेटे का सामने आया है, जिसमें दोनों अपने गलत शपथ पत्र देकर खुद का नाम प्रधानममंत्री आवास की पात्रता सूची में जुड़वा लिया। जानकारी पर निगमायुक्त प्रवीण सिंह अढ़ायच ने इसका परीक्षण करवाया तो हकीकत खुलकर सामने आ गई। दोनों के पास खुद के पक्के आवास पाए गए। इस पर निगमायुक्त ने इनके प्रकरण निरस्त करते हुए जारी राशि वसूली के निर्देश दिये हैं साथ ही दोनों के विरुद्ध एफआईआर कराने कहा गया है।

ये है मामला
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के तहत रामसुन्दर सोनी पिता आरपी सोनी तथा धर्मेन्द्र सोनी पिता रामसुन्दर सोनी ने आवास के लिए आवेदन किया था। इसमें दिए गए शपथ पत्र में उनके द्वारा झूठी जानकारी प्रस्तुत की गई थी। रामसुन्दर ने अपने शपथ पत्र में बताया था कि देशभर में मेरे परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर कहीं भी किसी भी जगह पर पक्का मकान नहीं है। साथ ही परिवार के सभी सदस्यों की कुल वार्षिक आय का योग 24 हजार रुपये बताया था।

आलीशान घर से लेकर मेडिकल स्टोर भी
जबकि हकीकत यह है कि रामसुन्दर सोनी सेवा निवृत्त शासकीय कर्मचारी है और इनकी आय 24 हजार रुपये से ज्यादा है। रामसुन्दर की पत्नी आशा सोनी के नाम पर वार्ड 41 में दो मंजिला पक्का मकान है। इसी तरह से रामसुन्दर सोनी का बेटा धर्मेन्द्र सोनी जो अपने मां-बाप के साथ ही पक्के मकान में रहता है। धवारी स्थित सीएमएचओ कार्यालय के सामने मेडिकल स्टोर भी है। इसने अपने शपथ पत्र में झूठी जानकारी देते हुए कहा था कि उसका कोई पक्का मकान नहीं है और परिवार की कुल वार्षिक आय 36000 रुपए दिखाई गई थी।

नोटिस का दिया गलत जवाब
जांच के बाद रामसुन्दर तथा धर्मेन्द्र को गलत शपथ पत्र देकर प्रधानमंत्री आवास योजना का गलत लाभ देने के मामले में 18 जुलाई को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया। लेकिन इनके द्वारा तथ्यगत जवाब नहीं दिए गए। समाधानकारक जवाब न होने पर इन्हें दोबारा नोटिस दी गई लेकिन इनके द्वारा लेने से इंकार कर दिया गया। जिस पर नोटिस को इनके मकान में चस्पा करवाया गया।

होगी राशि वसूली
निगमायुक्त प्रवीण सिंह अढ़ायच ने कहा कि मामला गंभीर है। शासकीय योजना के लिए अपात्र होने के बाद भी गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिश की गई और किसी पात्र का हक मारा गया। झूठा शपथ पत्र भी दिया गया। इन दोनों के पीएम आवास के प्रकरण निरस्त करते हुए राशि वसूली के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस मामले में एफआइआर भी करवाई जाएगी।