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सतना दुष्कर्म केस: मासूम के बचाव के लिए एयर लिफ्टिंग की तैयारी, इन मेडिकल कॉलेजों के विशेज्ञष पहुंचे

एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की तैयारी, मध्यप्रदेश के पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर, सीएम-सीएस कर रहे पल-पल की मानीटरिंग

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 03, 2018

Four year Girl Raped in Satna, Air plans to take Delhi by ambulance

Four year Girl Raped in Satna, Air plans to take Delhi by ambulance

सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में चार साल की दुष्कर्म पीडि़ता बच्ची के बचाव के लिए पूरा प्रदेश एक हो गया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर सीएस बसंत प्रताप सिंह पल-पल की मानीटरिंग कर रहे है। जबलपुर मेडिकल कॉलेज की पांच सदस्यीय टीम बच्ची को बचाने के लिए सतना जिला अस्पताल पहुंच चुकी है। वैजाइना और गुदाद्वार का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त है। इसलिए मेडिकल टीम कोई खतरा नहीं उठाना चाहती है। एहतियातन एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स एयर लिफ्टिंग की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन रात से ही इसकी तैयारी में जुटा हुआ है।

एसीएस जुलानिया ने कहा है कि मासूम को आवश्यक चिकित्सा मुहैया करायी जाएगी। चाहे एयर लिफ्टिंग क्यों न करना पड़े। जिला अस्पताल में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मासूम के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। मेडिकल जबलपुर से पहुंची चिकित्सको की टीम से परामर्श के बाद मासूम को दिल्ली रेफर किया जा सकता है।

ये है मामला
परसमनिया पठार क्षेत्र में चार साल की बच्ची दुष्कर्म के आरोपी अतिथि शिक्षक के पास पीडि़ता ने दहशत भरे करीब दो घंटे गुजारे। आरोपी रविवार रात पहले नौ बजे पिता को पूछने आया, बताते हैं कि वह रात करीब 11 बजे फिर आया और बच्ची को घर से उठा जंगल की ओर ले गया। यहां विरोध जताने पर बच्ची के हाथ-पांव बांधकर हवस का शिकार बनाया। तलाश करते परिजनों और ग्रामीणों को मासूम रोती हुई मिली, तब तक रात करीब २ बज चुके थे। इस बीच आरोपी बच्ची को अपनी हैवानियत का शिकार बनाता रहा। बच्ची के निजी अंगों पर गंभीर चोट आई है।

मासूम को अंदरूनी चोट
वैजाइना और गुदाद्वार का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका था, मासूम को अंदरूनी चोट भी आई है। बताया जाता है कि मासूम की स्थिति देख डॉक्टर भी असहज हो गए। उन्हें समझ नही आ रहा था कि आखिर इलाज कैसे किया जाए? यही कारण था कि उचेहरा सामुदायिक अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के तत्काल बाद मासूम को सतना जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सोमवार सुबह सात बजे मासूम को जिला अस्पताल लाया गया। यहां ड्यूटी डॉक्टर के रूप में डॉ. रेखा त्रिपाठी ने जब मासूम को देखा, तो वो भी सिहर गईं।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
सीएस डॉ. एसबी सिंह से चर्चा करने के बाद सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ प्रमोद पाठक, मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ नीलेश्वर शर्मा, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ डॉ एलके सूर्यवंशी सहित तीन मेडिकल ऑफिसर की उपस्थिति में ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। सोमवार रात आठ बजे मासूम का एनेस्थिसिया दिया गया और ऑपरेशन हुआ। उसके बाद मासूम की स्थिति स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की मानें, तो उन्हें सुधार नहीं दिख रहा है। मामला गंभीर है।

पांच साल से पढ़ा रहा था विज्ञान
आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ पुत्र राज बहादुर (27) परसमनिया हाई स्कूल में अतिथि शिक्षक था। वे स्कूल में पांच साल से बतौर अतिथि शिक्षक विज्ञान विषय पढ़ा रहा था। हाल ही में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने पर वह सेवा से मुक्त था। गांव वालों का कहना है कि आरोपी को शराब पीने की लत थी। वह शाम को अक्सर नशे की हालत में रहता था।

कलेक्टर ने स्वीकृत की तत्कालीन सहायता
कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीडि़त परिवार से बात की। इस दौरान उन्होंने 10 हजार रुपए रेडक्रॉस व 10 हजार रुपए आदिम जाति कल्याण विभाग कोष से तात्कालीन सहायता राशि पीडि़त परिवार को मुहैया कराई। कलेक्टर शुक्ला ने बच्ची का बेहतर इलाज करने के निर्देश अस्पताल प्रबंधन को दिए हैं। साथ ही अपडेट लेते रहे।