25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री डॉ. लालता प्रसाद खरे का निधन, ये थे अंतिम लफ्ज

अंतिम लफ्ज में कहा था कि जिला प्रशासन करे मदद तो बन जाए चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम की दीवार, जिससे संरक्षित रहे आश्रम के पेड़-पौधे, शुक्रवार की सुबह 6 बजे बिरला अस्पताल में ली अंतिम सांस।

2 min read
Google source verification

image

Suresh Kumar Mishra

Oct 28, 2016

Dr. Lalta Prasad Khare-3

Dr. Lalta Prasad Khare-3


सतना।
बुंदेलखंड के पन्ना जिले के मढिय़ाताल गांव में पले बड़े और विंध्य क्षेत्र के सतना को कर्मभूमि बनाने वाले सर्वमंच के नेता डॉ. लालता प्रसाद खरे का शुक्रवार की सुबह 6 बजे बिरला अस्पताल में दुखद निधन हो गया। 96 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री के निधन पर प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई।


बता दें कि, डॉ. खरे का विगत तीन माह से स्वास्थ्य खराब चल रहा था। वो एक दिन चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम स्थित हनुमान मंदिर में पूजा करते समय फर्स पर गिर गए थे। तब से लगातार वरिष्ट डॉक्टरों की मौजूदगी में उनका इलाज चल रहा था।


ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता सेनानी: डॉ. खरे को आंदोलन में भाग लेना पड़ा था महंगा, स्कूल से हुआ था निष्कासन


Dr. Lalta Prasad Khare-2

शुक्रवार की सुबह जब जिलावासियों को सोशल मीडिया के माध्यम से बात पता चली तो अस्पताल में पूर्व मंत्री के चाहने वालों में जनप्रतिनिधि, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारियों का तांता लग गया। हालांकि डॉ. खरे की कोई संतान नहीं थी। इसलिए उनका अंतिम संस्कार शनिवार को परिजनों की मौजूदगी में किया जाएगा।


पेड़-पौधों से था प्यार

कुछ माह पहले पत्रिका संवाददाता की विशेष बातचीत में डॉ. खरे के अंतिम लफ्ज थे कि जिला प्रशासन मदद करे तो चन्द्राश्रय वृद्ध आश्रम की दीवार बन जाए। जिससे आश्रम के पेड़-पौधे संरक्षित हो जाए। आए दिन असमाजिकत्तव पेड़ काट ले जाते है। दीवार बन जाने से आश्रम सुरक्षित हो जाएगा। फिर मैं आसानी से मर सकूं।


राजकीय सम्मान से दी जाएगी विदाई

एसडीएम बलवीर रमन ने बताया कि अंग्रेजों के खिलाफ कई आंदोलनों में भाग लेने वाले क्रांतिकारी डॉ. लालता प्रसाद खरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। 96 वर्ष की आयु में भी जबरदस्त याददाश्त के साथ वे 'उन दिनों' की बात आम आदमियों को बताया करते थे। जिनके निधन पर पूरे जिले में शोक व्याप्त है।


Dr. Lalta Prasad Khare-1

पन्ना जिले के मढिय़ाताल में जन्म

डॉ. खरे का जन्म 14 मार्च 1921 को पन्ना जिले के मढिय़ाताल में हुआ था। खरे के पिता स्व. मुंशी ठाकुर प्रसाद एजेंट की हैसियत से पन्ना में कार्य करते थे। प्रारंभिक शिक्षा रीवा के दरबार इंटर कॉलेज में करने के बाद इंदौर स्थिति किंग एडवर्ड मेडिकल स्कूल में पढ़ाई की। यहीं से डॉ. खरे का रुझान आजादी के आंदोलन की तरफ हो गया।


मीरज स्कूल में दाखिला

डॉ. खरे ने स्कूल से निष्कासन के बाद महाराष्ट्र के पुणे जिले के सांगली स्थित मीरज स्कूल में दाखिला लिया। जहां से विधिवत मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर एलएमपी (सीएस) की डिग्री ली। इस दौरान उन्होंने जयागुनिस विवि वियना (आस्ट्रिया) में कई शोध किए।


कई बार गिरफ्तारियां दीं

ये भी पढ़ें

image
खरे के छात्र जीवन से ही मन में आजादी की जंग छिड़ गई थी। सतना में स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण कई बार पुलिस द्वारा गिरफ्तारियां की गई है। 1932 से 1939 के बीच आंदोलन की रैलियां छतरपुर, पन्ना, नागौद के रास्ते जबलपुर जाया करती थी। जिनमें विंध्य का नेतृत्व किया करते थे।

ये भी पढ़ें

image