शुक्रवार की सुबह जब जिलावासियों को सोशल मीडिया के माध्यम से बात पता चली तो अस्पताल में पूर्व मंत्री के चाहने वालों में जनप्रतिनिधि, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारियों का तांता लग गया। हालांकि डॉ. खरे की कोई संतान नहीं थी। इसलिए उनका अंतिम संस्कार शनिवार को परिजनों की मौजूदगी में किया जाएगा।