
full story of Birsinghpur gabinath Temple shiv temple birsinghpur
सतना। शिव आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि अव्यवस्थाओं की बीच जिलेभर में संपन्न हुआ। शहर से 35 किमी. दूर स्थित बिरसिंहपुर के गैवीनाथ मंदिर में भक्तों की आस्था ऐसी उमड़ी कि बेकाबू भीड़ को कंट्रोल करने के लिए दिनभर जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ी। फिर भी मेला व्यवस्था अंत तक कंट्रोल नहीं हो पाई। इस दौरान कई दर्शनार्थी मेले की भीड़ देखकर अपने-अपने घर लौट गए। वहीं घटों तक लाइन में लगी एक दर्जन महिलाएं गश खाकर गिर पड़ी। आनन-फानन में स्थानीय स्वास्थ्य अमले ने मंदिर परिसर में कैंप लगाकर प्राथमिक उपचार कर भक्तों का इलाज किया।
सुबह 4 बजे से लगी जलाभिषेक के लिए लाइन
बता दें कि, बिरसिंहपुर के शिवमंदिर में सतना, रीवा, पन्ना, सीधी, चित्रकूट, बांदा सहित आसपास के ग्रामीण सोमवार की अल सुबह 4 बजे से ही लाइन में लग गए। शुरुआती दौर पर श्रद्धालु जलाभिषेक कर बारी-बारी से आते-जाते रहे। लेकिन 10 बजे के बाद भीड़ बढऩे लगी। पुलिस बल की कमी के कारण समिति के पदाधिकारी मेला व्यवस्था को कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। कई भक्त लाइन तोड़कर सीधे दर्शन कर रहा था तो कई पुरुष भक्त महिलाओं की लाइन पर लग कर मंदिर के गर्भगृह पर प्रवेश कर रहे थे। 11 बजते ही वीआईपी लोगों का आना-जाना शुरू हो गया और पूरी मेला व्यवस्था चौपट हो गई। कारण ये रहा कि मेला व्यवस्था पर तैनात चार से पांच जवान नेताओं व आला-अधिकारियों की आव-भगत पर लग गए। पुलिस का ये रवैया देखकर समिति के पदाधिकारी मेला को कंट्रोल करने के लिए जवानों का सहयोग मांगा लेकिन जवान मानने को तैयार नहीं थे।
सोशल मीडिया में बचा बवाल
बेकाबू भीड़ को देखने के बाद सोशल मीडिया में लोगों का आक्रोश सीधे जिला प्रशासन पर दिखा। 12 बजे तक बिरसिंहपुर मेले में उमड़ी भीड़ का मैसेज देखकर मझगवां एसडीएम ओमनारायण सिंह, बिरसिंहपुर तहसीलदार मनीष पाण्डेय, थाना प्रभारी सभापुर आरबी त्रिपाठी, डॉ. रूपेश सोनी अपनी टीम के साथ मेला प्रांगण पर पहुंचे। लेकिन मेला क्षेत्र की समुचित व्यवस्था तब भी नहीं सुधर सकी। मंदिर के पंडा के मुताबिक बिरसिंहपुर मेले में इस साल सुबह से देर शाम तक 30 से 40 हजार भक्तों ने दर्शन किया है। अन्य वर्षों के मुकाबले इस वर्ष ज्यादा भीड़ पहुंची है।
कमिश्नर, डीआईजी, कलेक्टर पहुंचे मौके पर
बिरसिंहपुर मेले में भारी भीड़ की सूचना पर रीवा कमिश्नर अशोक भार्गव, डीआईजी अभिनाश शर्मा, सतना कलेक्टर सतेन्द्र सिंह, एएसपी गौतम सोलंकी ने मोर्चा संभाला। डीआईजी ने माइक पकड़कर श्रद्धालुओं से मेला में सहयोग करनी की घंटों अपील करते देखे गए। फिर दोपहर के बाद का मेला सभी अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
क्यों हुई अव्यवस्था
- बिरसिंहपुर में बेकाबू हुई भीड़।
- शुरुआती दौर पर पुलिस बल की बहुत थी कमी।
- समिति के सदस्यों के हवाले पूरी व्यवस्था। तैनात जवान यहां-वहां लगा रहे गप्पे।
- माली, पंडा, पंडित चढ़ोत्तरी में व्यस्त।
- पहले नहीं हुई कोई तैयारी बैठक।
- सेटिंग से हो रहे दर्शन, सबको अपने-अपने गेस्ट की चिंता।
- प्रभारी विहीन था थाना।
- सोमवार को ही नवागत थाना प्रभारी ने दी आमद।
- मंदिर के आसपास जगह की कमी।
- सीढिय़ों की जगह बने रैंप।
- गर्भगृह का दरवाजा सकरा।
- आज तक नहीं बना कोई ट्रस्ट।
- समिति के हवाले है मंदिर।
- समिति के कारण ही मंदिर का नहीं हो रहा विकास।
- बाहर से आए दर्शनार्थियों ने की ट्रस्ट बनाने की मांग।
- अव्यवस्था के कारण पर्यटक नहीं आते मंदिर।
Published on:
04 Mar 2019 09:00 pm

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