6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Breaking: MP में बड़ा रेल हादसा: मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, इटारसी-इलाहाबाद रेलखंड प्रभावित

Breaking: MP में बड़ा रेल हादसा: मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, इटारसी-इलाहाबाद रेलखंड प्रभावित

2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Aug 28, 2018

goods train derails in satna station, affect rail traffic

goods train derails in satna station, affect rail traffic

सतना। एक तरह मोदी सरकार बुलेट ट्रेने चलाने की बात कर रही है वहीं दूसरी तरफ आए दिन हो रही ट्रेन दुर्घटनाएं सवाल पैदा करती है। ताजा मामला मध्य प्रदेश के सतना रेलवे स्टेशन का है। जहां एक सीमेंट से भरी मालगाड़ी के तीन डिब्बों के पटरी से उतर जाने के कारण यातायात बाधित हो गया है। हादसे में हालांकि, किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्लूसीआर) के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की दोपहर सीमेंट से भरी मालगाड़ी के तीन डिब्बे सतना यार्ड में पटरी से उतर जाने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। अभी शाम 5 बजे तक तो कोई पैसेंजर गाड़ी प्रभावित नहीं हुई है लेकिन रात में कई गाडिय़ां प्रभावित भी हो सकती है। हादसे की जानकारी मिलने पर रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और पटरियों का सुधार कार्य चल रहा है।

यै है मामला
रेलवे सूत्रों के अनुसार, झुकेही से बनारस जा रही सीमेंट से लोड मालगाड़ी को सतना रेलवे स्टेशन से दोपहर 1.35 बजे सिग्नल मिला। स्टेशन से इलाहाबाद की ओर जैसे ही गाड़ी आगे बड़ी तो 140 बजे मालगाड़ी के तीन डिब्बे रेलवे माल गोदाम के सामने पटरी से उतर गए। कुछ समय के लिए लोको पायलट धीरेन्द्र कुमार कुछ भी नहीं समझ पाए। बाद में सहायक लोको पायलट अनुपम अनुराग ने बॉकी-टॉकी से हादसे की सूचना दी। तुरंत लोको पायलट ने समझदारी दिखाते हुए ट्रेन का रोक दिया। फिर भी रोकते-रोकते 100 मीटर लाइन छतिग्रस्त हो गई है। आनन-फानन में मामले की सूचना रेलवे के अधिकारियों को दी गई। सूचना के बाद रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचकर ट्रैक सुधार का कार्य चालू कर दिया है।

आधा सैकड़ा ट्रेन हो सकती है प्रभावित!
बता दें कि, इटारसी-इलाहाबाद रेलखंड स्थित सतना रेलवे स्टेशन से एक सैकड़ा पैसेंजर गाडिय़ां विभिन्न शहरों के लिए जाती है। रात ८ बजे के बाद इस रेलवे ट्रैक पर ज्यादा दबाव बढ़ जाती है। इसलिए मुख्य ट्रेनें प्रभावित भी हो सकती है।