
Hostel life ie study with enjoyment
सतना. घर से दूर हॉस्टल में रहने का एक अलग ही अनुभव होता है। हास्टल से बाहर आने वाला हास्टलर हमेशा जूनियर या अपने आस पास रहने वाले लोगों को जीवन में एक बार हास्टल लाइफ जीने की सलाह जरूर देते हैं। जी हां हॉस्टल लाइफ एक एेसी दुनिया जहां खुशी और गम दोनों मिलते हैं । जहां जिंदगी को बिदांस तरीके से जिया जा सकता है। कुछ भी खाओ, कुछ भी करो कोई रोकने वाला नहीं कोई टोकने वाला नहीं होता। ग्रुप में प्राब्लम शेयर करना, किसी भी प्राब्लम को मिनटो में सॉल्व करने का तरीका, साथ मिलकर खाना, एक दूसरे को चिढ़ाना, ग्रुप स्टडी, ग्रुप डिसक्शन और भी बहुत कुछ हॉस्टल लाइफ में ही एंजॉय करने को मिलता है। शहर में के कई हॉस्टल में दूर दराज से आई गल्र्स और प्रोफेशनल हॉस्टल लाइफ को बिदांस तरीके से एंजॉय कर रही हैं। उनको यहां फैमिलियर माहौल मिल रहा है। घर से दूर रहने पर भी उन्हें अपने घर जैसा माहौल यहां मिल रहा है। एक साथ सेलिब्रेट करते हैं फेस्टिवल भिलाई की अंतरा गनोकर शहर के निजी कॉलेज की स्टूडेंट हैं वे हास्टल में रहती हैं। उनका कहना है कि वास्तव में हास्टल लाइफ बहुत अच्छी होती है। यहां पर जितने अच्छे से फेस्टिवल एंजॉय करने को मिलता है इतना अपने घर या बाहर नहीं मिल सकता है। हास्टल में जूनियर सीनियर मिलाकर २० गल्र्स रहते हैं। गणेश उत्सव, जन्माष्टमी, न्यूईयर, नवरात्रि और भी कई छोटे छोटे फेस्टिवल को हम मिलकर एंजॉय करते हैं। सभी जल्दी जल्दी उठते हैं। व्यवस्थाओं को बांटते हैं। पूजा करते हैं प्रसाद तैयार करते हैं। शाम को भी यहां एेसे ही भक्तिमय माहौल रहता है। सबसे बड़ी बात हम सबको एक-दूसरे से मिलने का पर्याप्त समय भी मिल जाता है। सप्राइज पार्टी होती है खास उमरिया की वैशाली सिंह परिहार भी हॉस्टल लाइफ को जमकर एंजॉय कर रही हैं। वे यहां की एक एक यादों को डायरी में लिख रही है ताकि बाद में इन्हें पढ़ कर हॉस्टल लाइफ की यादें ताजा कर सकें। वे कहती हैं यहां कि सरप्राइज पार्टी जितनी बेहतरीन होती है वहां कही की नहीं हो सकती। कोई भी लड़की जब कोई भी उपलब्धि हासिल करती हैं या किसी का बर्थडे होता है। हम सब मिलकर उसके लिए सरप्राइज पार्टी प्लान करते हैं। पूरे कमरे को सजाना, उसके मनपसंद गिफ्ट को वहां रखना, मनपसंद केक और खाने का इंतजाम करते हैं। सभी करते हैं केयर जबलपुर की मैत्री देशमुख भी हॉस्टल लाइफ से बेहद हैपी हैं। उनका कहना है कि जितनी केयर यहां पर होती है उतना तो शायद घर वाले ही न करें। अगर शाम को हमसब आपस में मुलाकात न करें तो मन में चलना लगता है कि क्या हो गया आखिर आज हमसे मिलने मेरी बगलवाली रूम मेट क्यों नहीं है हम सब तुरंत उसके रूम में जाकर पूंछते हैं। किसी की तबियत खाराब हो जाए तब देखिए कोई दवा कराता है, कोई ड्रेस चेंज कराता है। कोई दवा खिलाता है तो कोई खिचड़ी बनाता है। सुबह से शाम तक कमरे में अगल बगल रहने वाली गल्र्स का जामवाड़ा लगा रहता है। आपस में सभी एकदूसरे का बेहद ख्याल रखते हैं। हर प्राब्लम का समाधान यहां, शेयरिंग भी नेपा नगर खंडवा की विशाखा वर्मा कहती हैं कि यहां कि लाइफ बहुत ही फ्रीडम वाली होती है। सबकी आपस में अच्छी बॉडिंग होती है। हम सब आपस में एक दूसरे से सिक्रेट शेयर करते हैं। किसी को कोई भी दिक्कत होती है तो सब उसकी दिक्कत में मदद करते हैं। एक-दूसरे का खाना, ड्रेस, मेकअप किट शेयर कर लेते हैं। किसी को कोई प्राब्लम नहीं होती। एक दूसरे से स्टडी में मदद ले लेते हैं। ग्रप डिसक्शन करते हैं। सच में इस समय मैं बहुत ही फ्रीडम वाली को एंजॉय कर रही हंू। इतने सारे लोगों के बीच में रहने और मस्ती करने का हॉस्टल में मजा मिलता है। साथ ही एक-दूसरे के अंदर सहयोग की भावना आती है। शिवानी सिंह परिहार, बीएससी एग्रीकल्चर - फोटो एसटी १२५४ प्लस मैं जॉब करती हंू। टाइम नहीं रहता। पर हॉस्टल में हम सब एक दूसरे की मदद अच्छे से करते हैं। यहां कुछ भी करना नहीं पड़ता। जॉब और फ्रीटाइम में हॉस्टल गल्र्स से गॉशिप। पूजा मिश्रा, आरआई - फोटो एसटी १२५५ प्लस हॉस्टल लाइफ में हम सब एक साथ फेस्टिवल को सेलिब्रेट करना सीख जाते हैं। एक दूसरे दिन भी की बाते शेयर मन हो हल्का कर लेते हैं। नए नए कार्यों का एक्सपीरियंस भी यहां मिलता है। पूजा सिंह, नर्सिंग- फोटो एसटी १२५६ प्लस
Published on:
13 Sept 2019 09:54 pm
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