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SHE PRIDE; राष्ट्रीय फलक पर रीवा की जान्हवी ने कथक में दिलाई विंध्य को पहचान

राष्ट्रीय फलक पर रीवा की जान्हवी ने कथक में दिलाई विंध्य को पहचान  
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सतना

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Sonelal Kushwaha

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Updated: 23 Jul 2023, 2:05 AM IST

Jhanvi gave recognition to Vindhya in Kathak on the national stage

Jhanvi gave recognition to Vindhya in Kathak on the national stage

रीवा. कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, बहते हुए पानी की तरह वह अपना मुकाम खोज ही लेती है। कुछ इसी तरह कथक नृत्यांगना रीवा की जान्हवी सिंह भी अपनी लगन और मेहनत से राष्ट्रीय फलक पर पहचान बना चुकी हैं। क्लासिकल डांस कथक में ऐसी महारत हासिल है कि स्टेज पर उनके थिरकते कदम और भाव-भंगिमाएं दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर देता है।-बाक्स

11 साल की उम्र से डांस

पुष्पराज नगर निवासी रघुपति सिंह व आशा सिंह की बेटी जान्हवी की रुचि बचपन से ही नृत्य में थी। उन्होंने 11 साल की उम्र से डांस की प्रेक्टिस शुरू की थी। 2014 में डिसेंट डांस ग्रुप से जुड़ गई, जहां उनके गुरु राकेश वर्मा व राजीव वर्मा ने उनकी प्रतिभा को निखारने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। 2016 से मुंबई में अखिलेश चतुर्वेदी से क्लासिकल नृत्य सीखा और यही पर बादल बैरिया की शिष्या बन कथक में महारत हासिल कर लिया।

देशभर में कथक की कई प्रस्तुति

जान्हवी ने 2019-20 में कथक की देशभर में कई प्रस्तुतियां दी। 2022 में पोरबंदर मुंबई, भोपाल व 2023 में जबलपुर सहित अन्य शहरों में कथक की अनुपम प्रस्तुति ठेकेकर विंध्य की पहचान बन गई। जान्हवी कहती हैं कि मेहनत व लगन उनकी हैं लेकिन कथक जैसे डांस में पारंगत होना गुरु के आशीर्वाद के बिना कतई संभव नहीं है। गुरुओं का आभार माना कि इस बेमिशाल नृत्य कला में सम्मान दिया।