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MP के सतना जिले में 208 गिद्ध, मैहर में शून्य, तो बरौंधा में मिले 64 गिद्ध, आखिर क्यों विलुप्त हो रही ये प्रजातियाँ

जिलेभर के 175 कर्मचारियों ने की गणना

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सतना

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Suresh Mishra

Jan 13, 2019

kyo vilupt ho rahe gidh pakshi indian vulture information in hindi

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सतना। जिले में करीब 208 गिद्ध होने की पुष्टि हुई है। प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना के तहत शनिवार को जिले में भी गिद्धों की गणना की गई। इसके लिए 175 वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। उन्होंने जिलेभर के वन क्षेत्र में गिद्धों की जनसंख्या की गणना की। सबसे ज्यादा गिद्ध बरौंधा में पाए गए। उल्लेखनीय है कि गिद्धों की संख्या को बढ़ाने के लिए वन विभाग सतत रूप से प्रयास कर रहा है। इसी के तहत विगत दो बार से प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना कर रहा है।

इससे पहले वर्ष 2015 में गणना की गई थी। करीब तीन साल के बाद पुन: गणना हुई है। सबसे खराब स्थिति मैहर वन्य क्षेत्र की रही। यहां गिद्ध संख्या शून्य दर्ज की गई है। बरौंधा में सबसे ज्यादा 64 दर्ज की गई है। जबकि उचेहरा के रार घाट में 20 गिद्धों का झुंड देखने को मिला। चित्रकूट में भी स्थिति संतोषजनक रही। यहां 45 गिद्ध दर्ज किए गए हैं।

गिद्ध के संरक्षण में जुटा राष्ट्रीय सेवा योजना
विलुप्त होती गिद्ध के संरक्षण में राष्ट्रीय सेवा योजना ने कदम बढ़ाया है। शहीद पद्मधर सिंह स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामबहोरी त्रिपाठी एवं जिला वन मंडल अधिकारी राजीव मिश्रा के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना आशीष सिंह बघेल के नेतृत्व में रासेयो की ओर से वन परिक्षेत्र अमरपाटन अंतर्गत गिधैला एवं सुधैला पहाड़ पर उनके आशियाने को तलाशने के लिए विजिट किया गया।

99 प्रतिशत तक गिद्ध विलुप्त
उनकी प्रत्यक्ष गणना कर मौजूद दो प्रजातियां व कुल संख्या 26 सुनिश्चित दर्ज किया गया। बताया गया कि 99 प्रतिशत तक गिद्ध विलुप्त हो चुके हैं। निकट भविष्य में यह प्रजाति हमारे पर्यावरण से विलुप्त हो, उससे पहले हम गिद्धों को बचाने में मदद करें। इस दौरान मौजूद लोगों ने गिद्ध बचाने का संकल्प भी लिया। मौके पर उप वनमंडल अधिकारी मेहर जीआर सिंह, वन परिक्षेत्र अधिकारी सुभाष चंद्र मिश्रा, आदर्श सिंह, संदीप, राकेश, जितेन्द्र एवं समस्त वन विभाग मौजूद रहे।

गिद्धकूट में 26 गिद्ध
स्थानीय धारणा है कि सबसे ज्यादा गिद्ध अमरपाटन के गिद्धकूट पहाड़ी पर रहते हैं, लेकिन गणना में यह मिथक टूटते दिखा। हालांकि, यहां पर 26 गिद्ध संख्या दर्ज की गई है। ये सभी गिद्धकूट के आस-पास क्षेत्र में ही पाए गए हैं। सघनता के हिसाब से देखा जाए, तो अच्छी संख्या है।