MP News: सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने समीक्षा बैठक में अफसरों और अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है।
MP News: मध्य प्रदेश के सतना जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हुई बैठक में नाराजगी जताई। उन्होंने रामपुर बाघेलान के एसडीएम आरएन खरे को जमकर फटकार लगाई। साथ ही सीएमओ का एक हफ्ते का वेतन काटने का नोटिस जारी करने के लिए कहा है।
दरअसल, कोटर में खाद वितरण के दौरान हुई समस्या की खबर मिलने पर एसडीएम आरएन खरे मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर कलेक्टर ने वजह पूछी तो जवाब मिला कि तहसीलदार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, इसलिए उन्हें भेजा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि ऐसी लापरवाही भरी कार्यशैली ठीक नहीं है। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में तहसीलदार को जाना ही पड़ता है।
इसके बाद कलेक्टर ने रेलवे के भू-अर्जन के अवार्ड वितरण में हो रही देरी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। एसडीएम के द्वारा धीमे स्वर में जवाब दिया गया तो कलेक्टर उन्हें टोकते हुए कहा कि 'आप एसडीएम हो, मरी-मरी भाषा में बात मत करो।’ इसके बाद उन्होंने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने रेलवे के अधिकारियों पर भी गुस्सा जाहिर किया, क्योंकि उन्होंने सतना-रीवा रेल दोहरीकरण के काम में बगहाई कोठार में ग्रामीणों के विरोध की सूचना कलेक्टर को नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि पहले ही निर्देश दिए गए थे कि ऐसी किसी भी स्थिति की सूचना एसडीएम के साथ-साथ कलेक्टर को भी दी जाए।
पीएम आवास योजना शहरी की समीक्षा में सीएमओ रामपुर बाघेलान ने बताया कि 200 लोगों के घर बनाए जा चुके हैं। लेकिन 15-16 लोग ही कब्जा लिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि जब उनके घर बन गए हैं तो जहां अवैध रूप से रह रहे हैं तो उन्हें डिसमेंटल क्यों नहीं कर रहे हो। सीएमओ ने कहा कि जैसा आप कहें सर। यह सुनकर कलेक्टर नाराज हो गए। इसके बाद सीएमओ का एक सप्ताह का वेतन काटने का नोटिस जारी करने कहा।