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बड़ी खबर: MP PSC की प्री-परीक्षा में बड़ा बदलाव, ये है नई गाइडलाइन

जूता-मोजा पहनकर आए तो नहीं दे पाएंगे एमपी पीएससी की प्री-परीक्षा, मप्र राज्य लोकसेवा आयोग की गाइडलाइन जारी
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 15 Feb 2018, 12:42 PM IST

MPPSC Exam 2018 Notification for Sarkari Naukri

MPPSC Exam 2018 Notification for Sarkari Naukri

सतना। मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा 18 फरवरी को मध्यप्रदेश राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (एमपी पीएससी प्री) आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए आयोग द्वारा गाइड लाइन जारी कर दी गई है। केंद्र में जूता-मोजा पहन कर अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सकेगा। मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रतिबंधित रहेंगे।

आयोग द्वारा केंद्र में प्रवेश के पहले परीक्षार्थियों से यह सामग्री प्राप्त कर सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दूसरी ओर डिग्री कॉलेज के पर्यवेक्षक भी बदलने की कवायद शुरू हो गई है। बताया गया, 18 फरवरी को परीक्षा दो सत्र में होगी।

प्रथम सत्र प्रात: 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक

प्रथम सत्र प्रात: 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक होगा। केंद्र में अनुचित साधनों का इस्तेमाल रोकने इस बार सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षार्थियों को केंद्र में 9 बजे तक पहुंचना होगा। कक्ष में जाने के पूर्व वीक्षक परीक्षार्थियों की तलाशी लेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षार्थी वर्जित वस्तुएं लेकर प्रवेश न करें।

जूते- मोजे पहनकर प्रवेश वर्जित

सामान्यत: परीक्षा में पाया गया है कि परीक्षार्थी अपने कपड़ों, क्लफ, चश्मा, जूते-मोजे, हाथ के बैंड, हाथ में बंधन इत्यादि में कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का प्रयोग करते हैं। अत: परीक्षा में किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के उपयोग को रोकने के लिए परीक्षा में जूते- मोजे पहनकर प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थी चप्पल या सेंडल पहनकर आ सकते हैं।

डिग्री कॉलेज के बदलेंगे पर्यवेक्षक
डिग्री कॉलेज में 500 परीक्षार्थी पीएससी प्री-परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग द्वारा सुप्रीटेंडेंट के लिए कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य जेपी सिवानी का नाम तय किया गया था। डॉ. नीलम रिछारिया को डिग्री कालेज का पर्यवेक्षक बनाया गया है। 30 सितंबर 2017 को सिवानी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके स्थान पर डॉ. कल्पना श्रीवास्तव प्रभारी प्राचार्य का दायित्व निभा रही हैं।

डॉ. आभा गोयल का नाम प्रस्तावित

लेकिन वे 12 फरवरी से 15 दिन के अवकाश पर हैं। प्रभारी प्राचार्य का दायित्व डॉ नीलम रिछारिया निभा रही हैं। ऐसे में डॉ रिछारिया को सेंटर सुप्रीटेन्डेंट का दायित्व निभाना है। इसलिए उनके स्थान पर किसी अन्य पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाने आयोग को लिखा गया है और उनके स्थान पर डॉ. आभा गोयल का नाम प्रस्तावित किया गया है।

पर्स पर मनाही
चेहरे को ढंककर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित होगा। बालों को बांधने का क्लेचर, बक्कल, घड़ी, हाथ में पहने जाने वाले बैंड, बेल्ट, धूप से बचाने के लिए चश्मे, पर्स, वॉलेट, टोपी वर्जित है। सिर, नाक, कान, गला, हाथ, पैर, कमर में पहने जाने वाले आभूषण तथा हाथ में बंधे धागे, कलावा, रक्षासूत्र आदि का परीक्षण कर वीक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों के कक्ष में जाने के पूर्व तलाशी ली जाएगी।

इन्हें मिलेगा यात्रा भत्ता
अजा जजा, पिछड़ा वर्ग के परीक्षार्थियों को यात्रा भत्ता की पात्रता होगी। उन्हें अपने बैंक खाता की फोटोकॉपी, जाति प्रमाण पत्र, प्रवेश पत्र की फोटोकॉपी, टिकिट केन्द्र में जमा कराना होगा।

संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त
आयोग ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी हैं। रीवा संभाग के लिए एनसी नागराज मो.नं.9752076098 को संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। राजेंद्र सिंह तोमर को सतर्कता प्रभारी नियुक्त किया गया हैं, जिनका मो. नं. 9424878613 है।

आईडी प्रूफ जरूरी
परीक्षार्थियों को आयोग द्वारा जारी प्रवेश पत्र दिखाने पर ही प्रवेश मिलेगा। प्रवेश देने के पहले आयोग द्वारा निर्धारित फोटो परिचय पत्रों में से कोई एक मूल परिचय पत्र देखा जाएगा। कक्ष में पहुंचने के पूर्व आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर आईडी की फोटोकापी देते समय मूल दस्तावेज दिखाना होगा।