10 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पवित्र नगरी चित्रकूट में पार्किंग शुल्क के नाम पर श्रद्धालुओं से बेजा वसूली

सवाल-जवाब पर अभद्रता करते हैं ठेकेदार के गुर्गे

less than 1 minute read
Google source verification
mp election 2018: chitrakoot vidhan sabha ground report in hindi

mp election 2018: chitrakoot vidhan sabha ground report in hindi

चित्रकूट. पवित्र नगरी चित्रकूट में श्रद्धालुओं से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। दूर-दराज से दर्शनार्थियों को लेकर आने वाले वाहन चालकों यहां कुछ लोग नगर परिषद का ठेका होने का दावा करते हुए पांच गुना पार्किंग शुल्क वसूलते हैंं। बताया गया यहां चार पहिया वाहन के लिए २० रुपए शुल्क निर्धारित की गई है, जबकि बाहर से आए वाहन चालकों से 100 से 200 रुपए तक वसूले जाते हैं। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई भी नहीं की जाती, जिसे लेकर नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जैसा कि दर्शनार्थियों ने बताया
गत दिनों उत्तर प्रदेश के कोशांबी से दर्शनार्थियों को लेकर आए वाहन चालक ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि गुप्त गोदावरी में मुझसे 100 रुपए बतौर पार्किंग शुल्क वसूली गई थी। इसके बाद सती अनुसुइया गया तो वहां भी पार्किंग शुल्क के नाम पर 100 रुपए मांगने लगे। लेकिन उनके द्वारा दी गई रसीद में न तो बुक क्रमांक अंकित है और न ही ठेकेदार का नाम लिखा था। नगर परिषद चित्रकूट की सील लगाकर फर्जी रसीदें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अनजान बन जाते हैं अफसर
दरअसल, धर्मनगरी में श्रद्धालुओं से बेजा वूसली की कोई नई घटना नहीं है। यहां हर रोज ऐसे ही उन्हें ऐसे ही चपत लगाई जाती है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले से अनजान बन जाते हैं। शिकायत करने पर उनके द्वारा कभी कार्रवाई भी नहीं की जाती है। जिसे लेकर इस पूरे खेल में ठेकेदार व स्थानीय अफसरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराते हुए दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।