
navratri 2017: eight day mata mahagauri poojan vidhi in maihar sharda
सतना। जैसे-जैसे नवरात्रि का समय निकलता जा रहा है वैसे-वैसे मैहर वाली शारदा के दर पर भक्तों की भीड़ बढऩे गली है। अष्टमी के दिन दोपहर तक एक लाख से ऊपर भक्त माता के दर पर हाजरी लगा चुके है। शाम तक भक्तों की संख्या और बढऩे के आसार लगाए जा रहे है। मान्यता है कि अष्टमी के दिन शारदा मां की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को मनचाहा वरदान मिलता है। इस दिन की पूजा का नवरात्रि में विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धा-भाव से की गई पूजा के बाद माई के दर से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं जाता है।
मैहर मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना
बता दें कि, मध्यप्रदेश के सतना जिले में मैहर नगर से ५ किमी. दूर त्रिकूट पर्वत पर मां शारदा देवी का मंदिर है। मां शारदा और मैहर मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना है। भारत के कोने-कोने से लाखों दर्शनार्थी यहां माथा टेकने आते हैं। मां के आगे नतमस्तक होकर अपनी मुरादें मांगते हैं और पूरी होने पर यहां आकर परिवार सहित मां का शृंगार करते हैं। जिस तरह मां वैष्णों देवी के दर्शन के लिए करोड़ों भक्त १८ किमी. की पहाड़ी चढ़कर माता वैष्णो देवी के दर्शन करते हैं। ठीक उसी तरह मैहर में भी लाखों भक्त एक हजार तिरसठ सीढिय़ां लांघ कर मां शारदे के दर तक पहुंचते हैं।
दर्शनार्थियों की संख्या कम, चढ़ोत्तरी ज्यादा
नवरात्रि में दर्शनार्थियों की संख्या भले ही पिछले साल की अपेक्षा कम दर्ज की गई लेकिन जो आए उन्होंने ने दिल खोलकर दान किया। शारदा मंदिर प्रबंध समिति को इस बार डेढ़ गुना अधिक चढ़ोत्तरी मिली है। रेलवे को भी दर्शनार्थियों की संख्या कम होने के बाद भी टिकट राजस्व अधिक मिला है। पांच दिन के आंकड़ों पर गौर करें तो मैहर रेलवे स्टेशन से पंचमी तक ७८ हजार २०० दर्शनार्थियों ने ७० ट्रेनों से सफर कर ५३ लाख ५३ हजार ६०१ रुपए राजस्व दिया। जबकि, पिछले साल पांच दिनों में ७९ हजार १७६ यात्री तथा राजस्व ५२ लाख ७२३ रुपये दर्ज किया गया था। माना जा रहा है कि दर्शनार्थियों संख्या कम होने के बाद भी एक लाख रुपये राजस्व की बढ़त प्राप्त हुई है।
बढ़ रही दिन प्रतिदिन संख्या
समिति कर्मचारियों की मानें तो पिछले साल औसतन एक लाख से अधिक दर्शनार्थियों दस्तक दी थी। पूर्णिमा तक यानी १५ दिनों के बीच ४४ लाख रुपए की आमदनी दर्ज की थी। यह आमदनी डेवढ़ी और ऊपर दान पेटियों के अलावा यात्री निवास किराया, कथा पूजन, नाई मुंडन संस्कार, वाहन किराया के रूप में दर्ज किया गया था। लेकिन इसबार पांचवें दिन तक समिति को २० लाख रुपए की चढ़ोत्तरी प्राप्त हो चुकी थी। पूर्णिमा तक ५० लाख से भी अधिक पहुंचने का अनुमान है।
बड़े नोटों की संख्या हुई कम
खजाना के कर्मचारियों ने बताया, नोट बंद होने तथा सूखे का असर रहा जिससे रविवार और सोमवार को छोड़ औसतन ५० से ६० हजार दर्शनार्थी आए। दो दिनों की संख्या १५ से २० हजार के बीच थी। राजेश बढोलिया समिति खजाना कर्मचारी ने बताया, दर्शनार्थी फुटकर सिक्कों का चढ़ावा दे रहा है। पिछले साल एक लाख से अधिक एक हजार रुपए के नोट चढ़ावे में आते थे। जो पांच से १० नोट तक सिमट गए हैं। ५०० के भी गिने-चुने नोट आ रहे हैं। प्रतिदिन ७० से ८० हजार रुपये का फुटकर चढ़ावा आ रहा है।
नवरात्र में भक्तों की संख्या
- पहले दिन २५ हजार
- दूसरे दिन ३० हजार
- तीसरे दिन ५० हजार
- चौथे दिन २ लाख
- पांचवें दिन १ लाख
- छठवें दिन ५० हजार
- सांतवें दिन ६० हजार
- आठवें दिन १ लाख
Published on:
28 Sept 2017 12:44 pm

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