
Patrika Amritam Jalam campaign in satna Venkatesh mandir
सतना। 'जल है तो कल है' का नारा देते हुए पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान में सतना शहर के आधा सैकड़ा रहवासी शिरकत किए। पानी को अमृत तुल्य मानकर उसे सहेजने के जतन में हर कोई कुदाल-फावड़ा लिए श्रमदान में जुट गया। श्रमदान के इस महादान में ना कोई छोटा था ना बड़ा। नेता से लेकर आमजन तक सिर पर तगाड़ी रखने से पीछे नहीं हट रहा था। पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत यह कवायद 13 मई से शुरू की गई थी। उस दिन तालाब से पांच ट्रॉली कचरा निकाला गया था। दूसरे प्रयास में तालाब के शेष हिस्से को साफ किया जाए। इसके लिए रविवार सुबह 6.30 बजे से ही श्रमदान करने के लिए भीड़ जुटने लगी।
ये है मामला
बता दें कि पत्रिका अमृतं जलम् अभियान के तहत शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु बने व्यंकटेश मंदिर तालाब को साफ करने एक सैकड़ा सामाजिक संगठन उमड़ पड़े। देखते ही देखते एक के बाद एक भीड़ बढ़ती गई। सभी एक स्वर में बोलते हुए साथी हाथ बढ़ाना, गीत के साथ तगाड़ी पर कूड़ा उठाते नजर आए। विभिन्न सामाजिक संगठनों से आए शहरवासियों ने फाबड़ा-कुदाली उठाकर तालाब के अंदर पटे हुए कचरा, मिट्टी, पन्नी, विसर्जित मूर्तियों को तगाड़ी में भरकर तालाब के किनारे एकत्र किया। फिर सभी मलबे को कचरा वाहन में लादकर भेजा गया।
6.30 बजे से शुरू हुआ श्रमदान
श्रमदान का कार्यक्रम रविवार सुबह 6.30 बजे से शुरू हो गया। जो सुबह 9 बजे तक जारी रहा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक तालाब साफ नहीं हो जाता है। इस अभियान का मकसद है कि बरसात पूर्व साफ व गहरा हो जाए, ताकि मानसून में तालाब पानी से लबालब भर जाए। इससे मंदिर की सुंदरता भी बढ़ेगी, पुरानी रौनक लौटेगी और आस-पास के क्षेत्रों में ग्राउंड वाटर का लेवल भी सुधरेगा।
शहर की आस्था का केन्द्र
गौरतलब है कि, व्यंकटेश मंदिर तालाब गंदगी से पटा पड़ा था। भक्तों द्वारा पूजा सामग्री डालने व कचरा फेंकने के कारण तालाब की स्थिति खराब थी। जबकि शहरवासियों के लिए यह तालाब काफी महत्वपूर्ण था। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचते थे। वहां भगवान के दर्शन करने से पूर्व तालाब के पानी से आचमन करते थे। जल लेते थे और भगवान को चढ़ाते थे। लेकिन, समय के साथ तालाब की स्थिति बदलती चली गई। अभी तक गंदगी से तालाब पटा था।
अब न फेंकने देंगे कचरा
रविवार को सतना के रहवासियों ने शपथ लेते हुए कहा कि तालाब की पुरानी रौनक लौटाई जाएगी। लिहाजा, इसे स्वच्छ, सुंदर व साफ बनाने के लिए सभी दृढ़ संकल्पित रहे। पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत तालाब को साफ किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शिरकत किए। बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिला सहित सभी वर्ग के लोग इसके भागीदान बनें। सभी धरोहर को संवारने में श्रमदान किया। इस दौरान पत्रिका टीम द्वारा भी श्रमदान किया गया।
Published on:
20 May 2018 05:54 pm
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