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झाड़ फूंक के चक्कर में गर्भवती महिला की मौत, 108 एंबुलेंस को रास्ते में खड़ा कर चला अंधविश्वास का दौर

सिहावल क्षेत्र के भोरौ गांव का मामला, घंटों खड़ी रही एंबुलेंस

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सतना

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Suresh Mishra

Jan 12, 2020

Pregnant woman dies due to superstition jharfuk totka kya hota hai

Pregnant woman dies due to superstition jharfuk totka kya hota hai

सीधी/ मध्य प्रदेश के सीधी जिला अंतर्गत झाडफ़ूंक के चक्कर में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। बताया गया कि महिला के पेट में पांच माह का गर्भ था। जिसकी ठंड लगने की वजह से तबियत बिगड़ गई थी। हालांकि आनन-फानन में 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, और इमरजेंसी वाहन समय पर पहुंच भी गया। लेकिन परिवार के सदस्यों ने एंबुलेस को खड़ी कराकर अंधविश्वास के चक्कर में झाडफ़ूंक कराने लगे। धीरे-धीरे गर्भवती महिला की तबियत और बिगडऩे लगी। जब 108 एंबुलेंस का स्टाप महिला को लेकर सिहावल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पहुंचा तो वह तब तक और सीरियस हो चुकी थी। तुरंत चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल के लिए रवाना किया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले महिला ने दम तोड़ दिया।

ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक सिहावल जनपद पंचायत के भोरौ गांव निवासी शेषमणि साकेत पत्नी कल्पना साकेत 26 वर्ष गर्भवती थी। उसके पेट पर ५ माह का गर्भ था। ठंड लगने के कारण वह कुछ दिनों से बीमार थी। रविवार की सुबह से उसकी तबियत और बिगड़ रही थी। परिजनों ने अमिलिया इमरजेंसी सेवा को सूचना दी। जहां से 108 एंबुलेंस वाहन में डॉ. शिव शंकर और पायलट राजा सिंह गांव पहुंच गए। गांव पहुंचते ही सुबह 9:30 बजे से 10.30 बजे तक चिकित्सकों के सामने कल्पना के ससुराल वाले झाडफ़ूंक कराने लगे। ये अंधविश्वास का सिलसिला करीब एक घंटे तक चला।

एंबुलेंस स्टाप की नहीं मानें बात
बताया गया कि एंबुलेंस स्टाप ने कल्पना की तबियत देखकर आनन-फानन में अस्पताल ले चलने की सहाल दी, लेकिन परिजन नहीं माने। घंटों समझाइश के बाद जब अंधविश्वास का क्रम समाप्त हो गया तो एंबुलेंस वाहन सिहावल के लिए रवाना हुआ। सिहावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते-पहुंचते महिला सीरियस हो गई। कल्पना की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।