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नींव के गड्ढों में पानी के रिसाव से बदली अस्पताल में बन रही मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की रॉफ्ट डिजाइन

जिम्मेदारों की अनदेखी से बनी स्थिति
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सतना

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Vikrant Kumar Dubey

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Updated: 14 Feb 2020, 11:39 AM IST

Raft design of multistory building replaced

Raft design of multistory building replaced

सतना. जिला अस्पताल परिसर में बन रही मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की नींव के गड्ढों में पानी निकलने के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा रॉफ्ट की डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब बिल्डिंग का निर्माण कार्य नई डिजाइन के आधार पर नए सिरे से आरंभ किया जाएगा। पूरे एरिया में तालाबनुमा दस फिट का गड्ढा किया जाएगा। इसमें कांक्रीट (आरसीसी) के बाद फुटिंग का काम शुरू किया जाएगा।

एमपी पुलिस हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा जिला अस्पताल परिसर में पीछे वाले गेट की ओर जी प्लस-1 बिल्डिंग 1.91 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही है लेकिन ठेका कंपनी ने बिल्डिंग निर्माण का काम जैसे ही शुरु किया नींव के लिए खोद गए गड्ढों में पानी निकलने लगा। दो-तीन गड्ढों का पानी मशीन लगाकर हटाया गया लेकिन जहां भी गड्ढे खोदे जाते पानी निकल आता। आधा दर्जन से अधिक गड्ढे खोदे गए, सभी पानी से लबालब हो गए।

जेई ने रुकवाया काम, मुख्यालय को दी जानकारी
महकमे के जेई ने स्थिति देख बिल्डिंग का निर्माण कर रही ठेका कंपनी का काम रुकवा दिया। मामले की पूरी जानकारी एमपी पुलिस हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मुख्यालय को भेजी गई। इसके बाद ठेका कंपनी को काम रोकने के सख्त निर्देश दिए गए। जेई की रिपोर्ट के बाद बिल्डिंग की रॉफ्ट डिजाइन में बदलाव किया गया, ताकि बिल्डिंग बनने के बाद किसी भी प्रकार का खतरा न हो।

नई डिजाइन से काम करने ठेका कंपनी को लिखा पत्र

एमपी पुलिस हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने बिल्डिंग का निर्माण कर रही ठेका कंपनी को पत्र लिखा है। उसमें नई रॉफ्ट डिजाइन के आधार पर काम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जेई सहित डिवीजन रीवा के जिम्मेदारों को भी निर्माण कार्य की निगरानी करने निर्देशित किया गया है ताकि बिल्डिंग का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण किया जा सके।

15 से 20 लाख रुपए बढ़ जाएगी लागत
बिल्डिंग के निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति 23 अगस्त 18 को 191.48 लाख रुपए की प्राप्त हुई थी। इसके पांच दिन बाद 28 अगस्त 18 को 208.64 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। नई डिजाइन के आधार पर काम किया जाएगा, तो बिल्डिंग की लागत 15 से 20 लाख रुपए बढऩे का अनुमान है।

पिछड़ता जा रहा बिल्डिंग का निर्माण

निविदा शर्तों के मुताबिक बिल्डिंग का निर्माण अगस्त 19 में पूरा हो जाना चाहिए था। ठेका कंपनी और एमपी पुलिस हाउसिंग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते निर्धारित समयावधि में काम शुरू नहीं हो पाया। जब काम शुरू हुआ तो नींव के गड्ढों में पानी निकलने से रॉफ्ट डिजाइन बदली गई। एेसे में बिल्डिंग का निर्माण कार्य पिछड़ता ही जा रहा है।

जी-प्लस बिल्डिंग की लागत 1.91 करोड़ रुपए
वर्क ऑर्डर जारी होने की तारीख 4 अक्टूबर 18

निर्माण पूरा होने की तारीख 3 अगस्त 19

वर्तमान स्थिति- चिह्नित जमीन पर ठेका कंपनी केवल गड्ढे खोद पाई है