
Raksha bandhan
सतना । रक्षा बंधन को लेकर शहर में व्यापारियों की तैयारियंा शुरु हो चुकी है। बाजार में दिल्ली से नया माल आ चुका है। वहीं बहनें भी इस बार भद्रा का साया न होने के कारण उत्साह महसूस कर रही हैं। ज्ञात हो कि बाजार में नई वैरायटी की राखी को पसंद किया जा रहा है। शहर का प्रमुख बाजार पन्नीलाल चौक, जयस्तम्भ चौक आदि सजने शुरु हो चुके हैं। वहीं बहनें भी बाजार में खरीदारी करना शुरु कर दी है।
राखियों की आई नई वैरायटी :
इस बार बाजार में नई वैरायटी की राखी आई हैं। बाजार भी पूरी तरह से गुलजार होने जा रहा हैं। अलग-अलग तरह की राखियां बाजार में आ चुकी हैं। पहली बार भाई और भाभी के लिए एक जैसी डिजाइनर राखी मिल रही है। इसे राखी विक्रेता नई डिजाईन बता रहे हैं। इन्हें लोग पसंद भी कर रहे हैं। इनकी कीमत 250 रुपये से शुरू हो रही है। पैकेट एक साथ मिल रहा है। पैकेट में भाई के लिए राखी और भाई के लिए लुंबा राखी है। दुकानदार राकेश गुप्ता ने बताया कि हर बार बहनें भाई और भाभी के लिए एक जैसी राखी मांगती थीं। उनकी मांग को देखते हुए ये राखी बनाई गई हैं।
बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियाँ :
हर वार की तरह इस बार भी बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियां मंगाई गई है। क्योंकि बच्चों द्वारा कार्टून वाली राखी मांगी जाती है। बच्चों द्वारा अधिक पसंद किया जा रहा है। बच्चों के लिए खिलोने वाली राखी की भी मांग आई है जिसे भी मंगाया जा रहा है। इसी प्रकार गुलाब के फूलों के डिजाइन की राखी भी आई है। दो गुलाब व पीला गुलाब भी पसंद किया जा रहा है। ज्ञात हो कि कार्टून वाली राखियां आज भी बच्चों की पहली पसंद हैं। बाजार में हैरी पोर्टर, बेनटन, छोटा भीम, घड़ी के डिजाइन में राखी मिल रही है। इनकी कीमत 50 रुपये से शुरू हैं। इनमें लाइट भी जल रही हैं।
पहली बार शंख भी बिक रहा :
इस बार बाजार में धर्म को प्रधान मानते हुए व्यापारियों ने शंख वाला दरबाजा पट्टी भी बिक रही हैं। घर के गेट पर लगाने के लिए राम जय राम सीता राम लिखा हुआ शंख मिल रहा है। इसमें ये चमकीले अक्षरों में लिखा गया है। इसके अलावा रोली और चावल का भी अलग से पैकेट मिल रहा है। इसकी कीमत 10 रुपये है।
भद्रा न होने के कारण बहने खुश
कई सालों बाद रक्षाबंधन मे भद्रा की छाया न होने के कारण बहने दिनभर अपने भाई को रक्षा सूत्र बांद सकेंगी। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा की छाया देखने को नहीं मिलेगी। सूर्योदय के पहले ही भद्राकाल समाप्त हो जाएगा। इसके चलते बहने दिनभर भाईयों की कलाई में रक्षासूत्र बांध सकेंगी। पं. मोहनलाल द्विवेदी अनुसार चार साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। पंचांग मुताबिक २५ अगस्त को दोपहर ३:१५ बजे से २६ अगस्त को शांम ५:३० बजे तक रहेगी। खास बात यह कि इस दिन धनिष्ष्ठा नक्षत्र भी है। यह नक्षत्र दोपहर १२:३५ बजे तक रहेगी।
Published on:
18 Aug 2018 03:29 pm
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