
sahkari bank farjiwada kya hota hai co-operative bank details in hindi
सतना। प्रदेश सरकार ने सहकारी समितियों और बैंकों द्वारा लिए गए ऋण को फर्जी तरीके से दिखाए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर समिति गठित करने और एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश 24 जनवरी को दिए थे। लेकिन सतना जिले में न तो समिति का गठन हो सका था और न ही कंट्रोल रूम बनाया गया है। प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया के सतना दौरे पर जब मैहर में किसानों ने उनसे इस आशय की शिकायत की।
इस पर प्रभारी मंत्री ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि 15 साल से अधिकारियों को इसकी आदत पड़ी हुई है। इस पर अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। जैसे ही यह खबर संबंधित अधिकारियों तक पहुंची तो चार दिन बाद आनन-फानन में न केवल कमेटी गठित कर दी गई बल्कि कंट्रोल रूम भी गठित कर दिया गया।
उपसंचालक कृषि ने कलेक्टर के निर्देश पर आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसानों द्वारा शिकायतें की जा रही है कि प्रकाशित सूची में उनके द्वारा या तो ऋण प्राप्त नहीं किया गया है या फिर दर्शाए गए ऋण में अंतर है। इन शिकायतों की जांच एवं निराकरण के लिये राजस्व, कृषि और सहकारिता के अधिकारियों की समिति गठित की जाती है। समिति की अध्यक्ष संयुक्त कलेक्टर साधना परस्ते, सचिव उपसंचालक कृषि आरएस शर्मा, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक पीसी वर्मा, उपायुक्त सहकारिता नरेश सिन्हा और विपणन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एसपी गुप्ता को रखा गया है।
गठित किया कंट्रोल रूम
चार दिन बाद ही इस तरह के मामलों को प्राप्त करने के लिये जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का भी गठन किया गया। कंट्रोल रूम का नंबर 07672-223227 बताया गया है। यहां आने वाली शिकायतों को सुनने के लिए चक्रवार ड्यूटी भी लगाई गई है। सुबह 10 बजे से 3 बजे तक उपायुक्त सहकारिता नरेश सिन्हा और भूमि संरक्षण सर्वे अधिकारी एसएन द्विवेदी की ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह से दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक भूमि सर्वेक्षण अधिकारी शीतल पांडेय और अनिल त्रिपाठी की ड्यूटी लगाई गई है।
आदेश को लेकर विवाद
बताया गया है कि यह आदेश अन्य जिलों में कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। लेकिन सतना में समय पर कलेक्टर के सामने नस्ती नहीं आने पर इस संबंध में आदेश जारी नहीं हो सके। सोमवार को कलेक्टर के अवकाश में होने और प्रभारी मंत्री की सख्ती के बाद आनन फानन में उप संचालक कृषि ने ही यह आदेश अपने हस्ताक्षर से जारी कर दिए। यह जरूर उल्लेख कर दिया कि कलेक्टर के निर्देश पर यह आदेश जारी किए जा रहे हैं।
उपसंचालक तलब
बैठक के बाद जांच समिति में प्रभारी मंत्री ने चार अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति के लिये निर्देश दिए और सर्किट हाउस में बुलाकर कर उन्हें चार नामों की सूची दी गई। ये अशासकीय सदस्य शासकीय टीम के साथ काम करेंगे।
Published on:
29 Jan 2019 02:04 pm
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