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समय सीमा बैठक: ‘बछिया का ताऊ’ मुहावरे से कामचोरी से दूर रहने की दी नसीहत

सत्यापन कार्य नहीं करने वाले दल के कर्मचारियों का रोका जाएगा वेतन

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Salary will be stopped for employees who do not do verification work

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सतना/ गौशाला निरीक्षण और व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारी की लापरवाही पर नाराज कलेक्टर सतेंद्र सिंह ने पीएससी की परीक्षा में आए एक मुहावरे के बहाने बातों ही बातों में नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि 1991 की पीएससी के पेपर में एक सवाल 'बछिया का ताऊ' मुहावरे से संबंधित था। इसके बाद इसकी व्याख्या करते हुए इशारों-इशारों में काम चोरी से दूर रहने की नसीहत भी दे डाली।

बैठक में बीपीएल की समीक्षा के मामले में कलेक्टर ने कहा कि पात्र परिवारों के सत्यापन कार्य के लिए नियुक्त किए गए दल के कर्मचारियों में से जिस दल के कर्मचारी सत्यापन में लापरवाही कर रहे हैं उनका वेतन रोका जाएगा। इस संबंध के उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में जिपं सीईओ ऋजु बाफना, अपर कलेक्टर आईजे खलखो मौजूद रहे।

कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन के पंजीयन केंद्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि विवादित समिति को गेहूं उपार्जन के कार्य में नहीं जोड़ा जाए। गेहूं उपार्जन एवं पंजीयन के लिए 91 केन्द्र निर्धारित करने तथा महिला स्वसहायता समूहों को उपार्जन के लिए नियुक्त करने तथा ओपन कैप बनाने जमीन का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपार्जित की गई धान के भुगतान, भंडारण की स्थिति की जानकारी विभागीय अधिकारियों से प्राप्त की। जनगणना के लिए नियुक्त किए गए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में जाकर जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए।

जब भड़के कलेक्टर
कलेक्टर ने गौशालाओं की समीक्षा करते हुए पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से जानकारी चाही। इसमें उन्होंने गौशालाओं के निरीक्षण करने के लिए तैनात किए गए जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रतिवेदन चाहा तो पता चला कि वह नहीं मिला है। इस पर कलेक्टर नाराज हो गए। पूछा कि आपने अधिकारियों ने प्रतिवेदन के बारे में जानकारी ली लेकिन अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। गौशालों में रखे जाने वाले मवेशियों के बारे में भी जानकारी चाही तो उसका भी उत्तर नहीं मिला। तब कलेक्टर ने कहा कि आवारा घूमने वाले जानवरों की टैगिंग के निर्देश पशु चिकित्सकों के लिए थे। यह काम कोई दूसरा कोई थोड़ी करेगा और यही जानवर तो गौशालाओं में रखे जाएंगे। इसके बाद उन्होंने 'बछिया का ताऊ' मुहावरे का जिक्र किया। निर्देश दिए कि गौशालाओं के चारागाहों की जुताई कराएं तथा गौशालाओं में रखने वाली गायों को चिन्हित करें तथा जिन अधिकारियों को गौशालाओं की जिम्मदारी सौंपी गई है वे अधिकारी गौशालाओं में जाकर भ्रमण कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

इन मामलों की समीक्षा
कलेक्टर ने सीएम मॉनिट की लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। यही निर्देश सीएम हेल्पलाइन के मामले में दिए। इस दौरान फसल ऋण माफी, गिरदावरी आदि की जानकारी ली। उन्होंने माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई अभियान की भी समीक्षा की। श्रम निरीक्षकों को निर्देशित किया कि सोमवार को संबंधित जनपद स्तर पर आयोजित समय-सीमा बैठक में संबंधित श्रम निरीक्षक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। पीएचई विभाग को निर्देशित किया कि वे जिले की सभी नगर पालिक निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में दो-दो तथा सभी जनपद पंचायत मुख्यालयों में एक-एक बोर कराना सुनिश्चित करें।

डीडीए पर सवाल
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने डीडीए से सवाल किया कि आपको कितनी यूरिया की आवश्यकता है और कब तक यूरिया का छिड़काव करोगे? जवाब में डीडीए ने बताया कि तीन बार यूरिया का छिड़काव किया जाता है। इस पर कलेक्टर ने आश्चर्य जताया कि आपके यहां भर तीन बार यूरिया का छिड़काव होता है बाकी तो नहीं सुना गया।