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सतना-मानिकपुर रेल विद्युतीकरण: प्लेटफॉर्म एक पर पहले पूजा, फिर प्रोजेक्ट का लिया जायजा

- 40-50 की गति से निरीक्षण, 120 की गति से ट्रायल रन- इलेक्ट्रिक इंजन में बैठकर सीआरएस ने लिया जायजा

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Satna-Manikpur Rail Electrification: Turkish-Rewa Rail Doubling Trial

Satna-Manikpur Rail Electrification: Turkish-Rewa Rail Doubling Trial

सतना. रेल सुविधाओं के विकास की दृष्टि से मंगलवार का दिन विशेष रहा। सतना-मानिकपुर रेल विद्युतीकरण और तुर्की-रीवा रेल दोहरीकरण का निरीक्षण व ट्रायल सफल रहा। जायजा लेने पहुंचे सीआरएस एके जैन ने सतना से मानिकपुर तक करीब 40-50 किमी प्रतिघंटा की गति से विशेष ट्रेन से पूरे ट्रैक व विद्युतीकरण का जायाजा लिया। इलेक्ट्रिक इंजन से 120 किमी प्रतिघंटा की गति से मानिकपुर-सतना के बीच ट्रायल रन लिया। माना जा रहा कि आगामी कुछ माह बाद दोनों प्रोजेक्ट व्यावहारिक रूप से आमव्यक्ति के लिए बड़ी सुविधा साबित होंगे।

इस दौरान डीआरएम डॉ मनोज सिंह सहित मंडल के आला अधिकारी भी मौजूद थे। सतना-मानिकपुर रेल विद्युतीकरण व तुर्की-रीवा रेल दोहरीकरण का जायजा लेने सीआरएस एके जैन मंगलवार सुबह विशेष ट्रेन से सतना पहुंचे। सतना प्लेटफार्म नंबर एक पर पहले पूजा पाठ किया फिर प्रोजेक्ट का जायजा लेने के लिए विशेष ट्रेन से मानिकपुर रवाना हुए। उनके साथ मंडल के आला अधिकारी व तकनीकी टीम भी मौजूद थी। सीआरएस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ट्रेन को 40-50 की गति से मानिकपुर तक दौड़ाया जाए।

उन्होंने ट्रैक व विद्युतीकरण का बारीकी से जायजा लिया। करीब ढाई घंटे का सफर करते हुए मानिकपुर पहुंचे। उसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल रन लिया। इस बार इंजन की गति 100 के ऊपर रखी गई। कई बार सीआरएस के निर्देश पर लोको पॉयलट ने इंजन की गति 120 तक ले गया, जो ट्रॉयल की अधिकतम रफ्तार थी। इस तरह वे शाम सवा चार बजे सतना पहुंचे। उसके बाद शाम 4.45 पर रीवा के लिए निकल गए। वहां उन्होंने तुर्की-रीवा रेल दोहरीकरण का जायजा लिया। उसके बाद रात करीब 9 बजे सतना पहुंचे।

6 जगह रोकी ट्रेन
सतना से मानिकपुर तक निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने 6 जगह विशेष ट्रेन रुकवाई। ट्रेन से उतरकर स्थिति का जायजा लिया। बताया गया कि ट्रेन जब जैतवारा स्टेशन से गुजर रही थी, तब सीआरएस ने रुकवाया, उसके बाद जैतवारा ब्रिज के पास ट्रेन रोकी गई। इसी तरह उन्होंने चितहरा रेलफाटक व टिकरिया-मारकुंडी के बीच रेलफाटक के पास विशेष ट्रेन रुकवाई। इस दौरान उन्होंने तकनीकी टीम से चर्चा भी की और स्थिति को समझने का प्रयास भी किया।

एक माह में होगा पूरा
डीआरएम मनोज सिंह ने बताया, रेलवे लाइन विद्युतीकरण का 85 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। महज 15 फीसदी कार्य बाकी रह गया है। मानिकपुर से सगमा तक की बायरिंग हो चुकी है। सगमा से सतना और यार्ड का काम बाकी है। जिसे अप्रैल माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

सीआरएस की रिपोर्ट के बाद ऑपरेशन
डीआरएम ने तैयारी के लिए ट्रायल महत्वपूर्ण बताया। कहा कि ट्रायल की सीएसआर रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। जिसके बाद इसके बाद ऑपरेशन आरंभ किए जाएंगे। डीआरएम ने रेल लाइन विद्युतीकरण की दृष्टि से ट्रायल को सफल बताया। कहा, निरीक्षण के बाद दौरान कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आयी।

सतना-कटनी विद्युतीकरण के बाद होगा परिचालन
डीआरएम ने कहा, सतना से कटनी सौ किमी विद्युतीकरण का कार्य के लिए टेंडर होना है। यह कार्य प्रक्रिया में है। सतना से कटनी रेल लाइन का विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद ही परिचालन आरंभ होगा। हालांकि सतना से इलाहाबाद के बीच कुछ गाडि़यों के परिचालन शुरु करने की भी संभावना जताई।

डीआरएम ने मॉर्निंग वॉक में देखा एफओबी
सीआरएस के सतना पहुंचने से पहले डीआरएम डॉ मनोज सिंह ने सोमवार रात से सतना में डेरा डाल दिया था। मंगलवार सुबह उन्होंने सतना स्टेशन पर बने नए फुट ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। वे मॉर्निंग वॉक करने निकले थे, इसी दौरान उन्होंने नवनिर्मित एफओबी का जायजा

यह होगा फायदा
- सतना से मानिकपुर व इलाहाबाद तक विद्युत इंजन से पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होगा।
- सतना-कटनी ट्रैक के विद्युतीकरण के बाद इटारसी से इलाहाबाद तक सीधे विद्युत इंजन से ट्रेनें चलेंगी।
- इससे जबलपुर, कटनी और मानिकपुर में इंजन बदलने में समय नहीं लगेगा।
- इस रूट पर चलने वाली यात्री और माल गाडिय़ों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।