
satna Meeting: Review of Jurisdiction Case and aapki sarkar aapke dwar
सतना/ डीडीए साहब! आपका कॉन्फिडेंस लेवल काफी कमजोर है। आप सही भी जानकारी देते हो तो भरोसा नहीं होता है। कॉन्फिडेंस इतना होना चाहिए जैसे यहां कुछ लोग जो बिना फोल्डर के आते हैं और इधर उधर की बता कर सही साबित होते दिखते हैं। यह बात कलेक्टर ने समय सीमा बैठक में उप संचालक कृषि से कहीं। उप संचालक सही तरीके से अपनी जानकारी नहीं दे पा रहे थे। इस दौरान उन्होंने लंबित सीएम मॉनिट के प्रकरण, आपकी सरकार आपके द्वार और जनाधिकार प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में जिपं सीईओ ऋजु बाफना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक सप्ताह का दिया समय
कलेक्टर ने सीएम मॉनिट के सभी प्रकरणों को एक सप्ताह में निराकृत कर फीडिंग करने के निर्देश दिए। आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम की प्रगति से असंतुष्ट नजर आए। पाया गया कि ४-५ अनुभाग इस मामले में डिफाल्टर हैं। इनमें अनुभाग मझगवां, में सबसे ज्यादा लंबित मामले हैं। यहां जिले का पहला कार्यक्रम जो केल्होरा में हुआ था उसका ही निराकरण पूरा नहीं हो सका है। इसी तरह सीईओ मझगवां के भी मामले लंबित पाए गए। उचेहरा में भी मामले लंबित मिले। रामपुर बाघेलान में तो शून्य फीडिंग पाई गई और सोहावल में भी फीडिंग कमजोर रही। नया सवेरा योजना के सत्यापन में सतना नगर निगम, मैहर और उचेहरा की गति धीमी पाई गई है। कलेक्टर ने कहा कि आखिरी का हिस्सा बचा है इसे लगकर तेजी से पूरा कर लें।
एमपीईबी की उइके बिगाड़ रहे जिले की छवि
कलेक्टर ने कहा कि सतना जिला सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में बेहतर स्थिति में आ गया है। जिला पंचायत लगातार तीसरी बार अव्वल स्थिति में प्रदेश में बनी हुई है। अन्य विभाग भी बेहतर स्थिति में बने हुए हैं। लेकिन एमपीईबी के उइके के कारण जिले में धब्बा दिख रहा है। कलेक्टर ने कहा कि ये कौन है इसे ढूढ़ों हमेशा इनकी प्रगति कम रहती है।
सीएम की जनवरी पहले सप्ताह की चर्चा
बैठक में यह भी चर्चा रही कि सीएम जनवरी के पहले सप्ताह चित्रकूट आ सकते हैं। लिहाजा सारी तैयारी तेजी से पूरी करें। हालांकि अभी आगमन की कोई अधिकृत जानकारी नहीं आई है। चर्चाओं में तो 5 जनवरी की तारीख रही पर इसकी कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हो सकी है।
Published on:
24 Dec 2019 07:13 pm

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