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न मशीन का उपयोग और न ब्लीचिंग का, सफाई में 9 लाख ‘साफ’ और सतना स्टेशन गंदा

ऐसा है अपना सतना रेलवे स्टेशन

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सतना

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Suresh Mishra

Sep 06, 2019

Satna railway Station: 9 lakh spent, station dirty in the same way

Satna railway Station: 9 lakh spent, station dirty in the same way

सतना/ यात्रीगण कृपया ध्यान दें..., यह सतना का रेलवे स्टेशन है। स्टेशन की सफाई के लिए मशीन मंगाई गई। ब्लीचिंग पावडर का उपयोग करने की बात कही गई। लेकिन, यहां ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा। मशीन ताले में बंद है और ब्लीचिंग पावडर का उपयोग नहीं किया जा रहा। महज पोंछा लगाकर सफाई के नाम नौ लाख रुपए साफ किए जा रहे हैं।

गुरुवार दोपहर 2.30 बजे पत्रिका टीम ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो चारों ओर गंदगी ही नजर आई। कुछ कर्मचारी पोंछा लगाते जरूर मिले। पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि सबसे ज्यादा बदहाल स्थिति सुबह के समय रहती है। सुबह सात बजे के बाद सफाई शुरू की जाती है। रात के समय सफाईकर्मी भी गायब हो जाते हैं। स्टेशन गंदगी से पटा रहता है।

निरीक्षण के दौरान ही होती है सफाई
ठेका कंपनी द्वारा सफाई में मशीनों का उपयोग नहीं किया जाता है। यह एक किनारे बतौर शोपीस रखी रहती है। जब अधिकारियों का निरीक्षण होता है तभी इन मशीनों को बाहर निकाला जाता है। निरीक्षण के बाद मशीन फिर अपने स्थान पर रख दी जाती हैं।

ठेका कंपनी और प्रबंधन की मिलीभगत
सफाई ठेका कंपनी द्वारा की जा रही मनमानी की जानकारी स्थानीय रेलवे प्रबंधन को है। लेकिन, मिलीभगत के चलते जिम्मेदार कार्रवाई तो दूर चुप्पी साधे हुए हैं। महज दो-चार हजार रुपए का जुर्माना कर कागजी खानापूर्ति की जा रही है। खामियाजा स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

इन मशीनों का करना है उपयोग
ठेका कंपनी को ट्रैक की साफ-सफाई के लिए हाई प्रेशर जैक का उपयोग करना है। स्टेशन की दीवारों की साफ-सफाई करने के लिए स्टीम मशीन का उपयोग करना है ताकि दीवारों की गंदगी आसानी से हटाई जा सके। ब्लीचिंग का उपयोग भी करने के निर्देश हैं। लेकिन, ठेका कंपनी द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा। सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जबकि, मशीन चालू हालत में हैं।