
सतना मंडी में हुए 50 लाख रूपए के गबन मामले में मंडी बोर्ड की कार्रवाई
सतना। कोरोना काल के दौरान वर्ष 2021 में कृषि उपज मंडी समिति सतना में हुए 50 लाख रूपए से अधिक के गबन मामले में दोषी पाए जाने पर मंडी के तत्कालीन प्रभारी सचिव ,मंडी निरीक्षक कमलेश पांडेय की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह वर्तमान में मैहर कृषि उपज मंडी के सचिव पद पर पदस्थ थे। मंडी बोर्ड द्वारा की गई इस कार्रवाई से मंडी कर्मचारियों में हडकंप मच गया है। गौरतलब है कि मंडी शुल्क व निरीश्रित राशि का गबन कर मंडी समिति को 50 लाख का चुना लगाने वाला कैशियर बाबूलाल अहिरवार इस ममले में पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जिसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। वहीं इस मामले के तीसरे आरोपी मंडी के मुख्य लेखापाल जीपी गौतम सेवा निवृत्त हो चुके हैं।उनके खिलाफ भी विभागीय जांच लंबित है।
यह था मामला
वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान सतना मंडी में अनाज के क्रय विक्रय से मंडी समिति को मिलने वाले मंडी शुल्क व निराश्रित राशि को तत्कालीन कैशियर ने समिति के बैंक खाते में जमा न करते हुए लगभग तीन माह की राशि का गबन कर लिया। इसकी पोल तीन माह बाद तक खुली जब लेखापाल ने मंडी शुल्क की वसूली और बैंक में जमा की गई राशि का मिलान किया। जिसमें 50 लाख रूपए से अधिक का अंतर पाए जाने पर मंडी में हड़कंप मच गया था। इसकी जानकारी मिलने पर मंडी के तत्कालीन प्रभारी सचिव कमलेश पांडेय ने कैशियर रामाधार को मामले में दोषी पाए जाने पर पद से निलंबित करते हुए उसके खिलाफ कोलगवां थाने में गबन का मामला पंजीबद्ध कराया था।
सचिव सहित तीन को बनाया था आरोपी
मंडी में हुए 50 लाख रूपए के गबन मामले में मंडी बोर्ड द्वारा कराई गई जांच में मंडी शुल्क की राशि उड़ाने वाले कैशियर,नियमित कैश पंजी का सत्यापन न करने वाले लेखापाल व सचिव को आरोपी बनाया था। मंडी बोर्ड ने तत्कालीन सचिव द्वारा अपने बचाव में दिए गए तर्क को खारिज करते हुए 50 लाख की राजस्व क्षति के लिए उन्हें जिम्मेदार मानते हुए पद से पृथक कर दिया।
Published on:
28 Sept 2023 12:45 am

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