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sidhi: छात्राओं के इज्जत घर मे डेढ़ दशक से पुलिस का कब्जा, जिम्मेदार मौन

गल्र्स कॉमन रूम सहित आधे शैक्षणिक भवन में चुनाव सामग्री रखकर प्रशासन द्वारा किया गया है कब्जा-जिले के सबसे बड़े शासकीय महाविद्यालय संजय गांधी का मामला-न छात्र संगठनों का आंदोलन काम आया और न ही महाविद्यालय प्रबंधन का पत्राचार-नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश सीटें बढ़ी तो कक्षाएं संचालन की होगी समस्या

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sidhi: Police occupied the respect of girl students for one and a half

sidhi: Police occupied the respect of girl students for one and a half

सीधी। जिले के अग्रणी महाविद्यालय संजय गांधी स्मृति शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीधी के पुराने शैक्षणिक भवन का आधा हिस्सा पिछले करीब डेढ़ दशक से प्रशासन के कब्जे में है। छात्राओं के कॉमन रूम सहित इज्जत घर में पुलिसकर्मी डेरा जमाए हुए हैं। ऐसे में जहां एक ओर छात्राओं को परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर महाविद्यालय प्रबंधन भी परेशान है, क्योंकि प्रबंधन को कक्षाएं संचालित करने के लिए जगह कम पड़ रही है। पुराने शैक्षणिक भवन को प्रशासनिक कब्जे से मुक्त कराने के लिए छात्र संगठनों द्वारा कई बार आंंदोलन प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जा चुका है, वहीं कॉलेज प्रबंधन द्वारा भी कलेक्टर को पत्राचार कर भवन को खाली कराये जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से आश्वासन तो दिया जाता रहा है, लेकिन अब तक भवन को खाली नहीं किया जा सका है।
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चुनाव सामग्री रखकर किया गया है सील-
शासकीय संजय गांधी महाविद्यालय के पुराने शैक्षणिक भवन के आधे हिस्से में करीब डेढ़ दशक पूर्व चुनाव सामग्री रखकर सील कर दिया गया है। इससे भवन के करीब एक दर्जन कक्ष प्रभावित हैं। इसके साथ ही गल्र्स कॉमन रूम को चुनाव सामग्री की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किये गए पुलिसकर्मियों को ठहरने के लिए आरक्षित कर दिया गया है। गल्र्स कॉमन रूम में ही छात्राओं का इज्जत घर भी था, जो पुलिस के कब्जे में है। ऐसे में कक्षाओं के अंतराल में छात्राओं को इधर उधर भटकना पड़ता है, वहीं यूरीनल के उपयोग के लिए नवीन भवन में दौड़ लगानी पड़ती है। लगातार मांग के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा चुनाव सामग्री रखने के लिए अन्य व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है।
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लगातार बढ़ रही प्रवेश सीट, भवन की नहीं व्यवस्था-
कॉलेज प्रबंधन की माने तो प्रवेश सीट बढ़ाने को लेकर प्रति वर्ष जिला प्रशासन, छात्र संगठन के साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा दबाव बनाया जाता है। जिसके कारण प्रवेश सीट तो बढ़ा दी जाती है, लेकिन व्यवस्था को लेकर किसी के द्वारा बात नहीं की जाती। पिछले पांच वर्षों में कॉलेज में प्रवेश सीट चार गुना ज्यादा हो गई है, जबकि बैठक व्यवस्था जस की तस है। इस नवीन सत्र में यदि प्रवेश सीट बढ़ी और पुराना भवन खाली नहीं हुआ तो बैठक व्यवस्था प्रभावित हो जाएगी।
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छात्राओं ने सुनाई समस्या-
........कॉलेज के पुराने भवन में चुनाव सामग्री रखकर सील किये जाने से काफी समस्या है, गल्र्स कॉमन रूम में पुलिस का डेरा है, हमे काफी परेशानी होती है।
साक्षी सिंह, बीकॉम प्रथम वर्ष
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..........कॉलेज भवन के गल्र्स कॉमन रूम सहित भवन को खाली कराये जाने के लिए कई बार आंदोलन हुए पर कोई नतीजा नहीं निकला। सबसे ज्यादा समस्या हम छात्राओं को है।
अंशिका सिंह, बीएससी द्वितीय वर्ष
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...........कॉलेज में को-एजुकेशन होने के कारण पुराने भवन में छात्राओं को खाली समय में बैठने तक के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। हम छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है।
पारूल साकेत, एमकॉम थर्ड सेमेस्टर
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...........पुराने शैक्षणिक भवन के आधे हिस्से के साथ ही गल्र्स कॉमन रूम प्रशासन के कब्जे में है। हमारी चिंता न तो प्रशासन को है, न ही सरकार को।
सुष्मिता मिश्रा, बीएसी द्वितीय वर्ष
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लगातार किया जा रहा पत्राचार-
कॉलेज के पुराने शैक्षणिक भवन को खाली करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। इस शैक्षणिक सत्र में चार बार पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन अब तक भवन खाली नहीं हो पाया है। कलेक्टर की ओर से आश्वासन तो दिया जाता है पर अमल नहीं होता। छात्र संगठन भी इस संबंध में आंदोलन कर चुके हैं।
डॉ.एआर सिंह, प्राचार्य एसजीएस कॉलेज सीधी
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